What To Eat In January: जनवरी की तेज ठंड में शुगर लेवल कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में अपने खान-पान में ये 5 विंटर फूड्स शामिल कर सकते हैं, जिससे डायबिटीज पेशेंट्स खुद को फिट और एक्टिव रख सकते हैं।
What To Eat In January: जनवरी के मौसम में कड़ाके की ठंड़ होने की वजह से फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है और चटपटा खाने की इच्छा बढ़ जाती है।जिससे डायबिटीज के मरीजों का शुगर लेवल बिगड़ने का डर रहता है। लेकिन अब आपको घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, क्योंकि सर्दियों के बाजार में ऐसी कई चीजें मौजूद हैं जो नेचुरल तरीके से ब्लड शुगर को कंट्रोल कर सकती है। आइए जानते हैं जनवरी के वो 5 सुपरफूड्स जो आप अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।
सर्दियों में धूप में बैठकर संतरा खाना सभी को बहुत अच्छा लगता है। संतरे में मौजूद फाइबर और विटामिन-C ब्लड शुगर को मैनेज करने में हेल्प करते हैं। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी कम होता है, इसलिए यह शुगर को एकदम से नहीं बढ़ाता और आपकी इम्यूनिटी पॉवर को भी मजबूत करता है।
सफेद आलू के मुकाबले शकरकंद (Sweet Potato) डायबिटीज मरीजों के लिए कहीं ज्यादा अच्छा होता है। इसमें फाइबर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जिससे ग्लूकोज धीरे-धीरे खून में मिलता है। इसे उबालकर या भूनकर खाना एक हेल्दी और टेस्टी स्नैक हो सकता है।
जनवरी की फ्रेश गाजर न केवल खाने में मीठी लगती है, बल्कि यह डायबिटीज के कारण होने वाली आंखों की बीमारियों (Retinopathy) से भी बचाने में मदद करती है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन-A और फाइबर होता है। इसे आप सलाद की तरह या हल्का पकाकर भी खा सकते हैं।
दालचीनी एक ऐसा मसाला है जो बॉडी में इंसुलिन की पॉवर को तेज करता है। कड़ाके की ठंड में दालचीनी वाली चाय (बिना चीनी के) पीने से बॉडी ही वार्म नहीं रहती है, बल्कि यह शुगर के लेवल को भी बैलेंस रखने में मदद करता है।
सर्दियों में गोभी, ब्रोकली और पत्तागोभी जैसी सब्जियां बाजार में बहुत होती है। इनमें स्टार्च बहुत कम होता है और फाइबर बहुत ज्यादा होता है। इनमें विटामिन-K होता है। वही ब्रोकली में खास तत्व होते हैं जो ब्लड में मौजूद शुगर को कम करने में सहायक होते हैं।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।