
Monsoon Travel Guide 2026: मानसून 2026 देश के कुछ राज्यों में आ चुका है और कुछ में आने वाला है। ऐसे में गर्मी की छुट्टियां होने के साथ ही, बरसात के दिनों में झुलसा देने वाली गर्मी से राहत पाने के लिए, रिमझिम गिरती बूंदों और हरे-भरे पेड़-पौधों के बीच अच्छा समय बिताने के लिए लोग आने वाले दिनों में टूरिस्ट जगहों के बजाय वाइल्डलाइफ सफारी पर जाने का प्लान बना रहे हैं। ऐसे में अगर आप भी ऐसा कर रहे हैं, तो ट्रिप प्लान करने से पहले यहां दी गई 5 जगहों पर जाने से परहेज करना चाहिए या जल्दी ट्रिप प्लान करना चाहिए। आइए जानते हैं क्यों।
दिल्ली और इसके आसपास रहने वाले लोगों के लिए उत्तराखंड में स्थित जिम कॉर्बेट पार्क वाइल्डलाइफ सफारी के लिए पहली पसंद है। यह जगह टाइगर, हाथी और तरह-तरह के पक्षियों के लिए फेमस है। लेकिन मानसून के दिनों में वन्यजीवों के प्रजनन काल और भारी बारिश की वजह से यहां के कई सफारी जोन बंद कर दिए जाते हैं और कुछ हिस्से खुले रह सकते हैं।
क्योंकि बारिश के चलते जंगल के अंदर की सड़कें खराब हो जाती हैं। जिसके चलते आम दिनों के मुकाबले यहां घूमना काफी सीमित हो जाता है। इसलिए अगर आप परिवार या दोस्तों के साथ यहां जाने का प्लान बना रहे हैं, तो यहां के ऑफिशियल हेल्पलाइन नंबर पर बात करने के बाद ही प्लान बनाएं।
जिम कॉर्बेट के बाद दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम में रहने वाले लोग राजस्थान में स्थित रणथंभौर घूमने जाना पसंद करते हैं। पुरानी इमारतों के बीच यहां टाइगर देखना ही इस जगह को खास बनाता है। लेकिन घनी घास और फिसलन भरे रास्तों पर गाड़ी ले जाना मुश्किल होता है, इसलिए बारिश शुरू होते ही यहां के कुछ सफारी जोन बंद कर दिए जाते हैं।
महाराष्ट्र में रहने वाले ज्यादातर लोग टाइगर स्पॉटिंग के लिए महाराष्ट्र के सबसे पुराने और प्रसिद्ध वन्यजीव अभयारण्य, ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व जाना पसंद करते हैं। मानसून के आने के बाद यहां के भी कई सफारी जोन बंद रहते हैं, हालांकि कुछ बफर एरिया में कभी-कभी जाने की इजाजत मिल सकती है।
पेंच टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश के सिवनी और छिंदवाड़ा और महाराष्ट्र में फैला एक प्रमुख वन्यजीव अभयारण्य है। बारिश के दिनों में यहां के आने जाने वाले रास्तों पर चलना मुश्किल हो जाता है। इसलिए 'द जंगल बुक' की याद दिलाने वाला मानसून के दौरान यह पार्क पर्यटकों के लिए बंद रहता है।
कान्हा टाइगर रिजर्व में भी मानसून के दिनों में होने वाली भारी बारिश की वजह से कई रास्ते बंद हो जाते हैं, जिससे सफारी रोकनी पड़ती है।
इसके अलावा, मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में स्थित बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान भी टाइगर देखने के शौकीनों के लिए बेस्ट जगह है, लेकिन यहां भी बारिश के दिनों में मेंटेनेंस का काम पूरा करने के लिए सफारी बंद कर दी जाती है।
हरे-भरे जंगल और बारिश के बीच जंगल सफारी करना शानदार हो सकता है, लेकिन इन दिनों (1 जुलाई से 30 सितंबर) वन्यजीवों के प्रजनन काल और भारी बारिश की वजह से सफारी के रास्ते कीचड़ से भर जाते हैं और कुछ जगहें पानी में डूब जाती हैं, जिससे रास्तों पर जिप्सी चलाना मुश्किल हो जाता है। इसलिए ये पार्क हर साल मानसून के दिनों में बंद कर दिए जाते हैं। जिसके चलते जानवरों को भी थोड़ा आराम मिल जाता है और फॉरेस्ट डिपार्टमेंट को सड़कों की मरम्मत और बाकी काम पूरे करने का मौका मिल जाता है।
ध्यान दें: सफारी कब खुलेगी या कब बंद होगी, यह पूरी तरह बारिश और पार्क के हालात पर निर्भर करता है। इसलिए बुकिंग करने से पहले हमेशा पार्क की ऑफिशियल वेबसाइट या टोल फ्री नंबर पर अधिकारियों से जानकारी प्राप्त करने के बाद ही ट्रिप प्लान करें। अधिकतर Tiger Reserve मानसून के दौरान, खासकर जुलाई से सितंबर के बीच, अपने core safari zones अस्थायी रूप से बंद रखते हैं।