लखनऊ

‘चंदा चोर नेपाल न भाग जाएं’, राम मंदिर चंदा चोरी पर अखिलेश यादव बोले- देश के सभी बॉर्डर बंद करो वरना, फरार हो जाएंगे आरोपी

Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बिना FIR 'एसआईटी जांच' पर सवाल उठाते हुए इसे घोटाले को छिपाने की साजिश बताया है। इसके साथ ही अखिलेश ने आरोपियों को भागने से रोकने के लिए नेपाल बॉर्डर सील करने की मांग भी की है। जानिए पूरा मामला...
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Jun 24, 2026
Akhilesh Yadav, Ayodhya News, Ram Mandir Donation Scam, UP Politics,Ram Mandir Donation Controversy
अखिलेश यादव ने SIT जांच पर उठाए गंभीर सवाल (फोटो- पत्रिका)

Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे की चोरी को लेकर उत्तर प्रदेश में राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया X पर पोस्ट करके इस मामले की जांच कर रही SIT की कार्यप्रणाली पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने बिना FIR के हो रही इस जांच को 'बिना तीर की कमान' करार दिया। इसके साथ ही उन्होंने रामलला को दान में मिले कागभुसुंडि के गायब होने की खबर पर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और आरोपियों को देश छोड़ कर भागने से रोकने के लिए भी मांग की है।

नेपाल और अन्य बॉर्डर हो बंद

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि- जिस तरह हर दिन ‘चढ़ावा-चंदा-दान’ चोरी में नए भंडाफोड़ हो रहे हैं उससे सनातनी आस्थावानों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। सपा प्रमुख ने मांग की है कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए नेपाल और देश के बाकी बॉर्डर बंद कर देने चाहिए, जिससे आरोपी किसी भी सूरत में फरार न हो सकें।

'कागभुसुंडि' के गायब होने पर जताई चिंता

अपने बयान में अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में एक नया आरोप लगाते हुए कहा कि अब मंदिर में दान में दिए गए ‘कागभुसुंडि’ के गायब हो जाने की निंदनीय खबर सामने आई है। उन्होंने कहा कि भगवान के प्रति आस्था के नाम पर आए दान में इस तरह की हेराफेरी बेहद गंभीर और निंदनीय है। अखिलेश यादव ने सीधे तौर पर राम मंदिर के खजाने की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

FIR के बिना SIT ‘बिना तीर की कमान’

सपा मुखिया ने SIT की निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जब मामले में कोई एफआईआर ही नहीं है तो बिना एफआईआर के एसआईटी बिना तीर की कमान जैसी है। उन्होंने तंज कसते हुए आरोप लगाया कि जब अभी रोज नए खुलासे हो ही रहे हैं तो एसआईटी की जांच क्या हासिल कर लेगी। अखिलेश ने कहा कि यह एसआईटी जांच के लिए कम बल्कि इस पूरे घोटाले को ढांकने और बांटने के लिए ज्यादा बनाई गई है।