लखनऊ

‘राम जी से गद्दारी का पैसा’, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार को गीत के जरिए घेरा

Akhilesh Yadav: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने X पर एक वीडियो पोस्ट कर सरकार को घेरा है। उन्होंने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अब भाजपा 2027 के विधानसभा चुनाव जीतने के लिए पैसे का इस्तेमाल कर रही है।
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Aug 16, 2026
Akhilesh Yadav
अखिलेश यादव (फाइल फोटो- पत्रिका)

Ram Mandir Donation Theft Case: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादवने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर जोरदार हमला बोला है। राम मंदिर चढ़ावे और दान की राशि को लेकर समाजवादी पार्टी और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी होती रहती है। अब इस कड़ी में अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर करते हुए सरकार को आड़े हाथों लिया है। अखिलेश यादव लगातार चंदा चोरी का मुद्दा उठा रहे हैं और इस घटना को लेकर भाजपा सरकार को घेर रहे हैं।

वीडियो पोस्ट कर सरकार को घेरा

अखिलेश यादव ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर जो वीडियो पोस्ट किया है उसमें कुछ लोग राम मंदिर में चंदा देते हुए नजर आ रहे हैं और उसके ठीक बाद एक व्यक्ति उस चंदे को लेकर भागता हुआ दिखाई देता है। इस वीडियो के साथ उन्होंने लिखा है कि, "राम जी से गद्दारी का पैसा, धर्म और दान-पुण्य के कोष का पैसा, बीजेपी के पापों का पैसा नहीं चाहिए नहीं चाहिए।" बता दें कि सपा प्रमुख ने यह दावा भी किया था कि 2027 के विधानसभा चुनाव जीतने के लिए भाजपा के पास "पैसे के सिवा कुछ नहीं बचा है"।

BJP और आजादी को बताया एक-दूसरे का विलोम

इससे पहले स्वतंत्रता दिवस को भी सपा प्रमुख ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि भाजपा और आजादी एक-दूसरे के पूरी तरह से विलोम हैं। अखिलेश ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा और उसके सहयोगी दल स्वतंत्रता दिवस के बजाय 'विभाजन विभीषिका दिवस' मना रहे थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इनके लिए देश का विभाजन ही असली उत्सव है।

आजादी से पहले और बाद में भी विभाजन ही लक्ष्य

सपा अध्यक्ष ने आगे कहा कि इन लोगों ने आजादी की लड़ाई में कोई योगदान दिया हो या न दिया हो लेकिन विभाजन में इनका पूरा योगदान रहा है। आजादी से पहले भी इनका मुख्य लक्ष्य देश का विभाजन करना ही था और आजादी के बाद आज भी इनका लक्ष्य विभाजन ही है। इसके साथ ही सपा प्रमुख ने अपनी पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को सख्त निर्देश दिए हैं कि अब चुनाव बेहद करीब हैं इसलिए हर नेता और कार्यकर्ता बहुत सोच-समझकर ही जनता के बीच बयान दे।