समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इलाहाबाद का नाम प्रयागराज किये जाने पर योगी सरकार पर निशाना साधा है..
लखनऊ. यूपी सरकार आगामी इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज करने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा करते हुए कहा कि आगामी कुंभ के दौरान प्रदेश सरकार इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज कर दिया जाएगा। विपक्षी दलों खासकर सपा और कांग्रेस ने सरकार के इस फैसले पर निशाना साधा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे परम्परा और आस्था के साथ खिलवाड़ करार दिया।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा है, 'राजा हर्षवर्धन ने अपने दान से 'प्रयाग कुम्भ' का नाम किया था और आज के शासक केवल 'प्रयागराज' नाम बदलकर अपना काम दिखाना चाहते हैं। इन्होंने तो 'अर्ध कुम्भ' का भी नाम बदलकर 'कुम्भ' कर दिया है। ये परम्परा और आस्था के साथ खिलवाड़ है।'
इलाहाबाद का नाम बदला जाना अनुचित : कांग्रेस
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता ओंकार नाथ सिंह ने कहा कि इलाहाबाद का नाम प्रयागराज किया जाना अनुचित है। क्योंकि इलाहाबाद का नाम कई संवैधानिक संस्थाओं के साथ जुड़ा है। आजादी की लड़ाई में शहर का अतुलनीय योगदान रहा है। देश के पहले प्रधानमंत्री स्वर्गीय जवाहर लाल नेहरू का जन्मस्थान भी इलाहाबाद है। सरकार को सुझाव देते हुए ओंकार नाथ सिंह ने कहा कि जैसे इलाहाबाद के कुछ हिस्से को लेकर कौशाम्बी बनाया गया है, वैसे ही थोड़े हिस्से को लेकर प्रयागराज बनाया जा सकता है।
इन शहरों के नाम भी बदले जाने की तैयारी
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार बनने के बाद से सूबे के कई शहरों के नाम बदलने की तैयारी है। सुलतानपुर को कुशभवनपुर, बहराइच को महाराजा सुहेलदेव के नाम पर, लखीमपुर जिले के मोहम्मदी को पंडित दीन दयाल उपाध्याय के नाम पर बदले जाने की तैयारी है। इसके अलावा फैजाबाद, इलाहाबाद, अकबरपुर, सिकन्दरा रसूलाबाद और रनियां के भी नाम बदलने की भी बात कही जा रही है।