लखनऊ

यूपी चुनाव से पहले मदरसों पर केशव मौर्य का बड़ा बयान, बोले- मदरसा देश का हो या विदेश का वो- आतंकवाद पैदा करता है

Keshav Maurya News: केशव प्रसाद मौर्य ने मदरसों को लेकर कहा कि मदरसा चाहे बांग्लादेश का हो, पाकिस्तान का हो या भारत का हो, वह आतंकवाद को पैदा करता है। उनके इस बयान से यूपी की राजनीति में हलचल तेज हो गई।
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Aug 04, 2026
One Nation One Election Keshav Prasad Maurya UP Deputy CM
केशव प्रसाद मौर्य का बयान (photo-x @/kpmaurya1)

UP Madrasa Controversy: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले मदरसों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के एक बयान ने नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। मौर्य ने मदरसों को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि मदरसा चाहे देश का हो या विदेश का, वह आतंकवाद पैदा करता है। उनके इस बयान के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। वहीं मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी इस बयान पर आपत्ति जताते हुए पलटवार किया है।

जानिए केशव प्रसाद मौर्य ने क्या कहा

पत्रकारों से बातचीत के दौरान उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मदरसा चाहे बांग्लादेश का हो, पाकिस्तान का हो या भारत का, मदरसा अघोषित रूप से आतंकवाद को पैदा करता है। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई। विपक्षी दलों ने इसे गंभीर बताते हुए सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह के बयान देकर समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश की जा रही है।

उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे समय में डिप्टी सीएम का यह बयान राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बयानबाजी और तेज हो सकती है।

कैबिनेट बैठक में हो सकता है बड़ा फैसला

केशव प्रसाद मौर्य का यह बयान ऐसे समय आया है, जब प्रदेश सरकार मदरसा शिक्षा से जुड़े संशोधन प्रस्ताव पर आगे बढ़ रही है। सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश की कैबिनेट बैठक में इस संबंध में बड़ा फैसला लिया जा सकता है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक आधिकारिक रूप से किसी निर्णय की घोषणा नहीं की गई है।

मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी ने दिया जवाब

केशव प्रसाद मौर्य के बयान पर बरेली के मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी बरेलवी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि तस्लीमा नसरीन और केशव प्रसाद मौर्य दोनों को भारत का इतिहास पढ़ना चाहिए, मदरसों से 55 हजार उलमा ने जंग ए आजादी में शहादत दी, मदरसों से इंकलाब जिंदाबाद पैदा हुआ। रुहेलखंड से लेकर दिल्ली तक उलमा ने जान की बाजी लगाई, सरकार को मदरसों को पुरस्कृत करना चाहिए।मौलाना का कहना है कि देश की आजादी की लड़ाई में मदरसों और वहां से जुड़े उलमा का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसलिए पूरे मदरसा तंत्र को आतंकवाद से जोड़ना उचित नहीं है।




Updated on:
04 Aug 2026 12:44 pm
Published on:
04 Aug 2026 12:44 pm