
UP Assembly Monsoon Session: उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में लगातार हो रहे हंगामे को लेकर सूबे के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी पर करारा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट करते हुए उन्होंने सपा पर तंज कसा। उन्होंने विपक्ष के रवैये को बेहद नकारात्मक और गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि अगर समाजवादी पार्टी का काम विधानसभा की कार्यवाही में सिर्फ हंगामा करना, शोर-शराबा करना और बाधा डालना है तो उसे अपना नाम बदल लेना चाहिए।
केशव प्रसाद मौर्य ने अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट शेयर करते हुए सपा पर तंज कसा है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि अगर समाजवादी पार्टी का काम विधानसभा की कार्यवाही में सिर्फ हंगामा करना, शोर-शराबा करना और बाधा डालना है तो उसे अपना नाम बदलकर 'हल्ला-गुल्ला पार्टी' रख लेना चाहिए। केशव प्रसाद ने आगे कहा कि लोकतंत्र में विरोध करने का अधिकार सबको है लेकिन सदन की कार्यवाही को लगातार रोकना न तो लोकतांत्रिक है और न ही यह जनता के हित में उचित है। जनता ने विधायकों को बहस करने, समस्याओं का समाधान निकालने और सरकार से जवाब मांगने के लिए चुना है न कि सदन में गतिरोध पैदा करने के लिए।
आज यानी मंगलवार को सदन की कार्यवाही के दौरान किसी मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच बहस हो गई। देखते ही देखते यह बहस शोर-शराबे और नारेबाजी में बदल गई। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कई बार सदस्यों से व्यवस्था बनाए रखने की अपील की लेकिन जब स्थिति सामान्य नहीं हुई तो उन्होंने कड़ा कदम उठाया। विधानसभा अध्यक्ष ने सदन में अनुशासनहीनता का हवाला देते हुए समाजवादी पार्टी के जसराना से विधायक सचिन यादव को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया। इस बड़ी कार्रवाई के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक माहौल और भी ज्यादा गरमा गया है।
विधायक सचिन यादव के निलंबन पर समाजवादी पार्टी समेत अन्य विपक्षी दलों ने कड़ी आपत्ति जताई है। विपक्ष का कहना है कि सदन में जनहित के मुद्दे उठाना विधायकों का लोकतांत्रिक अधिकार है लेकिन, सरकार तानाशाही रवैया अपनाते हुए उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। विपक्षी सदस्यों ने स्पीकर के इस फैसले को पूरी तरह से लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताया है और इस एकतरफा कार्रवाई का भारी विरोध किया है।