LDA Latest Project: लखनऊ के समता मूलक चौराहे पर 431 करोड़ रुपये की लागत से आठ मंजिला एकीकृत मंडलीय कार्यालय बनने जा रहा है। इस आधुनिक भवन में 54 विभागों को एक साथ शिफ्ट किया जाएगा, जिससे सरकारी कामकाज में तेजी और जनता को सभी सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।
LDA Projects: वाराणसी और गोरखपुर की तर्ज पर राजधानी लखनऊ में अब समता मूलक चौराहे के पास एक आधुनिक और सिग्नेचर बिल्डिंग शैली का आठ मंजिला एकीकृत मंडलीय कार्यालय बनाया जाएगा। इस भवन में मंडल स्तर के सभी प्रमुख प्रशासनिक विभाग एक ही परिसर में कार्य करेंगे, जिससे न केवल विभागों के बीच समन्वय बढ़ेगा बल्कि आम नागरिकों को भी एक ही जगह सभी सुविधाएं प्राप्त हों सकेंगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत 431 करोड़ रुपये आंकी गई है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर मंजूरी दे दी है और भूमि हस्तांतरण से संबंधित प्रस्ताव आवास विभाग को भेज दिया है।
समता मूलक चौराहे के पास स्थित सिंचाई विभाग की यह जमीन वर्ष 2009 में उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति को दी गई थी। हज समिति को जमीन के उपयोग के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए थे, लेकिन किसी कारणवश समिति इस जमीन का अपेक्षित उपयोग नहीं कर सकी। नतीजतन, पिछले 14 वर्षों से यह भूमि खाली पड़ी रही। अब एलडीए ने इस भूमि का उपयोग एकीकृत मंडलीय कार्यालय के निर्माण के लिए करने का प्रस्ताव भेजा है। प्राधिकरण का कहना है कि हज समिति ने भूमि उपयोग के नियमों का पालन नहीं किया है, इसलिए इस भूमि को प्रशासनिक प्रयोजन के लिए हस्तांतरित किया जाना चाहिए।
यह कार्यालय भवन एक सिग्नेचर बिल्डिंग की तर्ज पर तैयार किया जाएगा, जो हर तरफ से एक समान दिखाई देगा। भवन में डबल बेसमेंट पार्किंग की सुविधा होगी, जिसमें 100 कारें एक साथ खड़ी हो सकेंगी।
भवन की कुल ऊंचाई आठ मंजिल की होगी और इसमें कॉरपोरेट ऑफिस की तर्ज पर आधुनिक इंटीरियर, सेंट्रलाइज्ड एयर-कंडीशनिंग, हाई-स्पीड लिफ्ट, डिजिटल मीटिंग हॉल और अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था होगी।
एलडीए के सर्वे के अनुसार, लखनऊ मंडल के 63 विभागों को चिह्नित किया गया था। विचार-विमर्श के बाद 54 विभागों को एकीकृत मंडलीय कार्यालय में शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया है। इन विभागों में कुल 1202 पद सृजित हैं, जिनमें से लगभग आधे पद वर्तमान में भरे हुए हैं। सभी विभाग एक ही परिसर में आने से विभागीय कार्यवाही तेज होगी और फाइलों का आदान-प्रदान तत्काल संभव हो सकेगा।
वर्तमान में नागरिकों को अलग-अलग सरकारी दफ्तरों में चक्कर लगाने पड़ते हैं, जो शहर के विभिन्न इलाकों में बिखरे हुए हैं। इस परियोजना के पूरा होने के बाद, नागरिकों को एक ही भवन में मंडल स्तर के सभी प्रशासनिक कार्य निपटाने की सुविधा होगी। सार्वजनिक शिकायत निवारण, दस्तावेज सत्यापन, अनुमतियां, लाइसेंस, विभागीय समन्वय, सब एक ही परिसर में होंगे। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।
मेसर्स म्यूरलेज कंपनी को परियोजना का डिजाइन, डीपीआर निर्माण और विभागीय सर्वेक्षण की जिम्मेदारी दी गई है। कंपनी ने सभी विभागों का कार्य-विश्लेषण, मौजूदा भवनों की स्थिति का मूल्यांकन और स्थानांतरण की संभावनाओं का अध्ययन किया है।
एक ही भवन में सभी प्रमुख प्रशासनिक विभागों के आने से न केवल सरकारी कामकाज में तेजी आएगी, बल्कि नीतियों के क्रियान्वयन में भी सुधार होगा। विभागीय अधिकारियों के बीच समन्वय बेहतर होगा और नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान की संभावना बढ़ेगी।
भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव फिलहाल आवास विभाग के पास विचाराधीन है। मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य का टेंडर जारी होगा। एलडीए का लक्ष्य है कि निर्माण कार्य शुरू होने के बाद 24 से 30 महीनों के भीतर भवन तैयार हो जाए।
यह परियोजना पूरी होने पर लखनऊ को एक ऐसा आधुनिक प्रशासनिक हब मिलेगा, जहां से पूरे मंडल का संचालन एक ही छत के नीचे होगा। यह न केवल राजधानी की छवि को आधुनिक बनाएगा, बल्कि प्रशासनिक दक्षता और जनता के लिए सुविधा में भी बड़ा बदलाव लाएगा।