
Crime News: मेरठ की चौधरी चरण सिंह जिला कारागार की बैरक नंबर 12ए इन दिनों चर्चा का केंद्र बनी हुई है। इस बैरक में छह ऐसी महिलाएं बंद हैं, जिन पर अपने ही परिवार के लोगों की हत्या के गंभीर आरोप हैं। इनमें पांच महिलाओं पर पति की हत्या, जबकि एक पर अपने मासूम बेटे की हत्या का आरोप है। कभी खुशहाल परिवार का हिस्सा रहीं ये महिलाएं आज सलाखों के पीछे हैं। जेल में उनकी सुबह सुंदरकांड और भजन से शुरू होती है।
मेरठ जिला कारागार की बैरक नंबर 12A में बंद हर महिला की कहानी अलग है, लेकिन उन पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं।
1. मुस्कान पर आरोप है कि उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति सौरभ की हत्या की और शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे नीले ड्रम में छिपाने की कोशिश की।
2. अंजलि उर्फ दामिनी पर आरोप है कि उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति राहुल की हत्या की साजिश रची।
3. रविता पर अपने पति अमित की हत्या कर मामले को दूसरा रूप देने का आरोप है।
4. कोमल पर आरोप है कि उसने अपने बीएसएफ जवान पति नैन सिंह की हत्या की साजिश रची और इसके लिए बड़ी रकम खर्च की।
5. प्रिंसिपल दामिनी पर आरोप है कि उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर स्कूल संचालक पति की हत्या की साजिश रची।
6. गुरप्रीत पर आरोप है कि उसने अपने प्रेमी के लिए अपने सात साल के मासूम बेटे की हत्या कराई। फिलहाल इन सभी मामलों की सुनवाई अदालत में चल रही है।
जेल पहुंचने के बाद दामिनी की पहली रात आसान नहीं रही। जेल अधिकारियों के मुताबिक उसने शुरुआत में खाना नहीं खाया और पूरी रात बेचैन रही। अगली सुबह गिनती और नाश्ते के समय उसकी मुलाकात मुस्कान से हुई। इसी दौरान दोनों ने एक-दूसरे से संक्षिप्त बातचीत की। वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि दामिनी अब धीरे-धीरे जेल के माहौल और नियमों के अनुसार खुद को ढाल रही है।
जेल प्रशासन के अनुसार दामिनी अपने 6 साल के बेटे को लगातार याद कर रही है। वह कई बार बेटे का नाम लेकर भावुक हो गई। उसने अपने माता-पिता से मिलने की इच्छा भी जताई और जेल अधिकारियों से मुलाकात की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। मन को शांत रखने और समय बिताने के लिए उसने जेल की लाइब्रेरी से एक धार्मिक पुस्तक भी ली है। अधिकारियों का कहना है कि नई जेल में आने वाले अधिकांश बंदी शुरुआती दिनों में मानसिक तनाव से गुजरते हैं।