2019 के लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में गठित हो रहे तीन नये दल सूबे की बड़ी पार्टियों की टेंशन बढ़ाने वाले हैं...
लखनऊ. 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में गठित हो रहे तीन नये दल सूबे की बड़ी पार्टियों की टेंशन बढ़ाने वाले हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव समाजवादी पार्टी से इतर 'प्रगतिशील समाजवादी पार्टी' का गठन कर रहे हैं, वहीं अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष प्रवीण भाई तोगड़िया और प्रतापगढ़ के कुंडा से निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भइया ने भी अपनी नई पार्टी बनाने का ऐलान किया है।
शिवपाल सिंह यादव
परिवार की रार और पार्टी में तरजीह न दिये जाने से नाराज सपा विधायक शिवपाल यादव ने समाजवादी सेक्युलर मोर्चे का गठन किया है। अब वह 'प्रगतिशील समाजवादी पार्टी' नाम से एक नये राजनीतिक दल का गठन करने जा रहे हैं। सपा व अन्य दलों के असंतुष्ट नेताओं को मिलाकर शिवपाल नये दल को मजबूत करने की कवायद कर रहे हैं। शिवपाल का कहना है कि लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी के उम्मीदवार मुलायम सिंह यादव की सीट को छोड़कर अन्य सभी को पर विरोधी दलों की मुसीबत बढ़ाएंगे। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि शिवपाल यादव ज्यादातर समाजवादी पार्टी के टिकट ही काटेंगे।
रघुराज प्रताप सिंह 'राजा भइया'
1993 से राजनीतिक सफर शुरू करने वाले प्रतापगढ़ के कुंडा से निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भइया अपने राजनीतिक सफर के 25 वर्ष पूरे होने पर रजत जयंती समारोह मना रहे हैं। 30 नवंबर को बड़ी संख्या में राजा भइया के समर्थक लखनऊ में एकत्रित होंगे। माना जा रहा है कि इस दिन वह अपनी नई राजनीतिक पार्टी का ऐलान करेंगे। इसके लिए उनकी ओर से चुनाव आयोग में आवेदन भी किया जा चुका है। तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, बस घोषणा का इंतजार है।
प्रवीण भाई तोगड़िया
22 अक्टूबर को राम मंदिर निर्माण के लिये लखनऊ से अयोध्या कूच करने वाले प्रवीण भाई तोगड़िया जल्द ही नई पार्टी के नाम का ऐलान कर सकते हैं। उनका कहना है कि वह हिंदू समाज के सामने राजनीतिक विकल्प के तौर पर अपनी पार्टी ला रहे हैं। सूत्रों की मानें तो प्रवीण तोगड़िया 'राष्ट्रीय जनता पार्टी' के नाम से नये राजनीतिक दल का गठन कर सकते हैं। विश्व हिंदू परिषद से अलग होने के बाद तोगड़िया ने अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद का गठन किया। वह इस संगठन के संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।