लखनऊ

लखनऊ आग: ‘जब 10 साल पहले बिल्डिंग अवैध घोषित हो गई थी तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई?’, नीलेश के भाई ने प्रशासन को ठहराया जिम्मदेार

Lucknow Agnikand Victims: लखनऊ अग्निकांड में जान गंवाने वाले नीलेश के भाई ने हादसे के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि जब इमारत को 10 साल पहले ही अवैध घोषित कर दिया गया था, तो उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

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Jun 23, 2026
Lucknow Agnikand
नीलेश के भाई ने लखनऊ अग्निकांड के लिए प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार (Photo-X@ians_india)

Nilesh Brother Statement: लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार दोपहर को एक बिल्डिंग में आग लग गई, जिस वजह से 15 लोगों की जान गई। उन्हीं 15 लोगों में एक 29 साल का लड़का नीलेश भी शामिल था। अब नीलेश के बड़े भाई की प्रतिक्रिया सामने आई है। उनसे जब पूछा गया कि वह इस मामले में किसे जिम्मेदार मानते हैं तो उन्होंने साफ-साफ शब्दों में कहा कि वह इस हादसे के लिए पूरे प्रशासन को जिम्मेदार मानते हैं। उनका कहना है कि जब 10 साल पहले ही इस बिल्डिंग को अवैध घोषित कर दिया था तो अब तक इस पर कार्वाई क्यों नहीं की गई?

नीलेश के भाई ने और क्या कहा?

लखनऊ अग्निकांड में भाई को खोने के बाद नीलेश के बड़े भाई ने प्रशासन पर कई सवाल उठाए। बताया कि उन्हें KGMU से फोन आया था और उनसे सीधे हॉस्पिटल आने के लिए कहा गया। जब वहां गए तो उन्हें पूरी घटना की सूचना दी गई और बताया गया कि उस हादसे के शिकार हुए लोगों में उनका भाई भी शामिल है। आगे उन्होंने बताया कि थो़ड़ी देर बाद उन्हें शव की पहचान करवाई गई। आगे उन्होंने कहा कि इसी हादसे में नीलेश की मंगेतर की भी मौत हो गई है।

3डी डिजाइनर था नीलेश

जानकारी के अनुसार, नीलेश एक 3डी डिजाइनर थे और एनिमेशन स्टूडियो में गेम्स के लिए कैरेक्टर और दूसरे डिजाइन तैयार करते थे। हादसे को लेकर मृतक नीलेश के भाई ने कहा कि अभी तक तो यह समझ आ रहा है कि आग नीचे की मंजिल से शुरू हुई। उसके बाद धीरे-धीरे आग और धुआं दोनों फैलते गई, जिस वजह से ऊपर की मंजिल वाले लोगों को निकल पाने का रास्ता नहं मिल पाया।

शव को देखकर पिता हो गए थे बेहोश

इस हादसे ने नीलेश के परिवार की खुशियां छीन ली हैं। जैसे ही नीलेश केशव को उसके पिता ने देखा, वह खुद को संभाल नहीं सके और वह वहीं बेहोश हो गए। यह मंजर देखकर उनकी बहन भी खुद को संभाल नहीं सकी और चीख-चीखकर रोने लगी। उसकी दर्दभरी आवाज से पूरा पोस्टमॉर्टम हाउस गूंज उठा। वह बार-बार अपने पिता से लिपटकर कह रही थी, 'पापा उठ जाओ… भाई चला गया है।'

नीलेश की होने वाली थी शादी

नीलेश और उसकी मंगतेर अनामिका एक ही जगह काम करते थे। घर में उन लोगों की शादी की बातें चल रही थी। अगले ही हफ्ते नीलेश का परिवार अनामिका के घर बंगाल जाने वाला था। टिकट भी बुक हो चुकी थी। परिवार वाले शादी की तैयारियों को लेकर खुश थे, लेकिन इस हादसे ने पल भर में सब कुछ खत्म कर दिया। जिन घरों में शादी की खुशियां आने वाली थीं, वहां अब सिर्फ दुख और मातम का माहौल है।

Published on:
23 Jun 2026 03:48 pm