
UP Politics News: यूपी के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद के मुखिया मौलाना सैयद अरशद मदनी के बयान पर बड़ा पलटवार किया है। राजभर ने साफ शब्दों में कहा कि कुछ मौलवियों को समाज में नफरत फैलाने वाली बातें बढ़ाने के बजाय नौजवानों को बेहतर शिक्षा और सकारात्मक सोच की ओर ले जाने का काम करना चाहिए। इसके साथ ही राजभर ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इन पार्टियों की वजह से ही आज मुस्लिम समाज नौकरियों में पिछड़ गया है।
ओपी राजभर ने मौलाना सैयद अरशद मदनी के बयान पर कहा कि कुछ मौलवियों को समाज में नफरत फैलाने वाली बातें बंद कर देनी चाहिए। इसकी जगह उन्हें अपने समाज के बच्चों को अच्छी शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य और तरक्की का सही रास्ता दिखाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिहाद और टकराव की बातें करने से पहले धार्मिक गुरुओं को अपनी कौम की तरक्की, नौकरियों और देश में शांति बनाए रखने पर ध्यान देना चाहिए। क्या यह सब इन मौलवियों को दिखाई नहीं देता?
मुस्लिम समाज की हालत पर बात करते हुए राजभर ने कहा कि देश की आजादी के समय सरकारी नौकरियों में मुस्लिम समाज की हिस्सेदारी करीब 38 फीसदी थी। लेकिन कुछ नेताओं की नफरत भरी बातों और गलत राजनीति के कारण आज यह स्थिति पूरी तरह बदल गई है। राजभर ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि इन पार्टियों के राज में हुए विकास का ही यह नतीजा है कि आज नौकरियों में मुस्लिमों की हिस्सेदारी घटकर 1 प्रतिशत से भी कम रह गई है।
राजभर ने साफ लहजे में कहा कि कुछ लोगों की आदत सिर्फ नफरत फैलाने की बन चुकी है, लेकिन जब ऐसे लोगों पर कानून का डंडा चलता है, तब ये रोना रोने लगते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज का माहौल बिगाड़ने वाले ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि उन्हें कानून का सबक सिखाया जा सके। उन्होंने कहा कि अब नफरत का रास्ता छोड़कर मुस्लिम युवाओं को अच्छी तालीम और रोजगार से जोड़कर मुख्यधारा में लाने की सख्त जरूरत है।