
UP के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर (Om Prakash Rajbhar) द्वारा समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) को लेकर किए गए दावे के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। राजभर के बाद अब यूपी के मंत्री संजय निषाद (Sanjay Nishad) ने बड़ा दावा किया है। संजय निषाद ने कहा कि सपा और कांग्रेस के ज्यादातर सांसद-विधायक हमारे संपर्क में हैं।
समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) में टूट के सवाल पर मंत्री संजय निषाद ने कहा- कोई भी राजनीतिक व्यक्ति हो उसका एक ही काम है- संवैधानिक अधिकार दिलाना। संविधान लागू कराना सरकार का काम है। ये तभी संभव है, जब हम सरकार के साथ रहेंगे। कुछ लोग सरकार बनाने आए थे, लेकिन उनकी सरकार नहीं बन पाई। अब ऐसे लोग सत्ता से बाहर रहेंगे तो जनता कहेगी कि आपने हमें वादा किया था।
संजय निषाद ने आगे कहा कि ज्यादातर सांसद-विधायक हमारे साथ संपर्क में हैं। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के सांसद-विधायक चाहते हैं कि वे भाजपा के साथ आएं। वे सरकार के साथ रहेंगे, तभी समाज को सुरक्षा, सम्मान दिला पाएंगे। मंत्री संजय निषाद ने दावा किया कि करीब 2 दर्जन सांसद-विधायक उनके संपर्क में हैं।
ओम प्रकाश राजभर के दावे का यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने समर्थन किया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी के 25-26 सांसद अलग होने को तैयार हैं, लेकिन हम उन्हें बिल्कुल भी अलग नहीं कर रहे हैं। हमें पता है कि वे खुद ही पार्टी से अलग हो जाएंगे।
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बुधवार को कहा था कि पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र तो सिर्फ झांकी हैं। सबसे बड़ा खेल तो यूपी में होगा। राजभर का कहना है कि सपा के सांसद टूटने को तैयार हैं और यह होकर रहेगा। राजभर ने इशारा किया है कि बागी सांसदों का नेतृत्व बलिया का लाल करेगा।
सपा में आंतरिक टूट की खबरों पर यूपी के पूर्व डिप्टी सीएम एवं भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने भी बयान दिया है। दिनेश शर्मा नेम कहा- सपा के सांसदों में कार्य प्रणाली को लेकर असंतोष है। जिस प्रकार से उनका संगठनात्मक ढांचा बना था और बहुत सारे सांसद थे, जो महिला विधेयक पर भाजपा का समर्थन करना चाहते थे। वे अपनी पार्टी को इसका समर्थन करने के लिए कह रहे थे, लेकिन उनकी इच्छा पूरी नहीं हुई थी। अब क्या होगा या क्या नहीं होगा? यह उनका आंतरिक मामला है।