लखनऊ

PM मोदी पर सपा सांसद की आपत्तिजनक टिप्पणी से बवाल, भड़की AIMIM, ओवैसी बोले- अखिलेश ने चुप्पी क्यों साध रखी है?

Ajendra Singh Lodhi News: PM मोदी पर सपा सांसद अजेंद्र सिंह लोधी की विवादित टिप्पणी से सियासत गरमा गई है। सपा नेता की टिप्पणी पर AIMIM ने अखिलेश यादव पर हमला बोला है।

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May 12, 2026
PM मोदी पर सपा सांसद की आपत्तिजनक टिप्पणी

Ajendra Singh Lodhi Objectionable Remarks on PM Modi: देश की सियासत इन दिनों जुबानी जंग से गरमाई हुई है। महोबा से समाजवादी पार्टी के सांसद अजेंद्र सिंह लोधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद राजनीतिक गलियारों में उबाल आ गया है। इस बयान के वायरल होते ही जहां भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं, वहीं अब ओवैसी की पार्टी AIMIM ने भी इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए सपा को आड़े हाथों लिया है।

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लोकतंत्र में भाषा की मर्यादा पर उठा सवाल

इस पूरे मामले पर AIMIM के प्रवक्ता शादाब चौहान ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने साफ कहा कि लोकतंत्र में जनता और विपक्ष को सरकार से कड़े सवाल पूछने का पूरा हक है। शादाब चौहान ने कहा कि हम खुद भी महंगाई, बेरोजगारी ,कानून-व्यवस्था और विदेश नीति जैसे मोर्चों पर सरकार को घेरते आए हैं, लेकिन इसका यह बिल्कुल मतलब नहीं है कि देश के प्रधानमंत्री के लिए अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री के पद की एक गरिमा होती है और उनका अपमान किसी भी तरह से सही नहीं है।

अखिलेश यादव से मांगा जवाब

PM मोदी पर टिप्पणी से शुरू हुए विवाद पर शादाब चौहान ने सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को जिम्मेदार ठहराते हुए उनसे जवाब मांगा है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर उनके सांसद की इस आपत्तिजनक भाषा पर पार्टी ने अब तक चुप्पी क्यों साधी हुई है। AIMIM का कहना है कि विपक्ष को अपनी लड़ाई जनता के मुद्दों पर लड़नी चाहिए।

जगह-जगह विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन

सपा नेता अजेंद्र सिंह लोधी के बयान का भारी विरोध देखने को मिल रहा है। महोबा और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने सांसद अजेंद्र सिंह लोधी का पुतला फूंका और उनके खिलाफ नारेबाजी करते हुए माफी की मांग की जा रही है।

विवाद का मुख्य केंद्र और राजनीतिक दबाव

AIMIM का स्पष्ट मानना है कि विपक्ष को मुद्दों के आधार पर सरकार को घेरना चाहिए, न कि प्रधानमंत्री के पद का अपमान करना चाहिए। फिलहाल, इस पूरे प्रकरण ने समाजवादी पार्टी के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं और अब राजनीतिक दबाव सीधे तौर पर अखिलेश यादव पर है कि वे अपने सांसद के खिलाफ सार्वजनिक रूप से क्या जवाब देते हैं।

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