
लखनऊ. 8 नवंबर 2016 को भले ही भारत में 1000 और 500 के पुराने नोट बंद हो चुके हैं, लेकिन पड़ोसी देश नेपाल में बंद हो चुकी भारतीय करेंसी अभी भी चल रही है। पुराने नोटों को असली करने का खेल नेपाल में अभी भी चल रहा है। शनिवार को लखनऊ में 50 हजार रुपये मूल्य के पुराने नोट बरामद किये गये। पकड़े गये आरोपियों ने बताया कि भारत में बंद हो चुके पुराने नोटों को वह नेपाल में चलाते हैं।
1000 और 500 पुराने नोट बंद हुए करीब एक डेढ़ साल का वक्त हो चुका है। लेकिन आये दिन कहीं न कहीं से पुराने नोटों का जखीरा बरामद होता रहता है। अभी तक सवाल उठ रहा था कि आखिर बंद हो चुके पुराने नोटों की सप्लाई होती कहां है। पुलिस की गिरफ्त में आये अपराधियों ने बताया कि वह एक करोड़ रुपये की कीमत पर 14 लाख रुपये कमीशन लेते थे।
पुलिस हिरासत में आये आरोपी
शनिवार को चेकिंग के दौरान लखनऊ पुलिस ने एक मारुति स्विफ्ट कार (यूपी 32 एच 1121) रोकी। तलाशी ली तो उसमें 500 की कीमत के बंद हो चुके 1000 और 500 के पुराने नोट मिले। चारों आरोपियों में से एक का नाम अमरनाथ यादव है, वह फैजाबाद जिले के रौनाही का निवासी है। इसके पुलिस ने जिन तीन को गिरफ्तार किया है, उनमें बख्शी का तालाब निवासी राजेश कुमार गौतम, अंबेडकरनगर निवासी कृष्ण कुमार वर्मा और कन्नौज निवासी सुमित शर्मा है।
ये है गैंग का मास्टरमाइंड
चारों आरोपियों की गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, लेकिन अभी भी मास्टर माइंड की तलाश जारी है। पुलिस के मुताबिक, इस गैंग का मास्टरमाइंड हजरतगंज स्थित कोऑपरेटिव बैंक मुख्यालय का असिस्टेंट मैनेजर सतीश वर्मा है। पुलिस उसे सरगर्मी से तलाश रही है।
कमीशन के चक्कर के होता था खेल
एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि आरोपी युवक देश में बंद हो चुकी करेंसी लोगों से लेकर नेपाल भेजते थे। जहां से इन नोटों को बदलकर भारत में ले आते थे। पुलिस की पकड़ में आये आरोपियों ने बताया कि देश में बंद हो चुके एक करोड़ के मूल्य के नोटों के बदले उन्हें नेपाल में 14 लाख रुपये का कमीशन मिलता था। इस कमीशन में से बड़ी रकम (छह लाख) गैंग का मास्टरमाइंड सतीश रख लेता था। शेष रकम गैंग में बांट दी जाती थी।