
Ram Mandir Donation Case: अयोध्या में राम मंदिर चंदा गबन के कथित मामले को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार का रुख और अधिक स्पष्ट हो गया है। प्रदेश सरकार के मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने कहा है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के हर फैसले का सम्मान करती है और न्यायालय के निर्देशों का पूरी तरह पालन करेगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं और यही कारण है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया, एफआईआर दर्ज कराई गई और आरोपियों की गिरफ्तारी भी की गई। मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल दोषियों को सजा दिलाना ही नहीं, बल्कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना भी है।
लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार संविधान और न्यायपालिका में पूर्ण विश्वास रखती है। उन्होंने कहा कि यदि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में कोई भी निर्णय देता है तो सरकार उसका पूरी निष्ठा के साथ पालन करेगी। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका देश की सर्वोच्च संस्था है और सरकार हमेशा न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करती रही है। इसलिए इस पूरे मामले में भी सरकार किसी भी स्तर पर कानून और न्यायिक प्रक्रिया से समझौता नहीं करेगी।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जैसे ही चंदे में कथित गड़बड़ी की जानकारी प्राप्त की, उन्होंने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश था कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और समय-समय पर अधिकारियों से रिपोर्ट भी प्राप्त कर रहे हैं। सरकार का उद्देश्य मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
नरेंद्र कश्यप ने बताया कि सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। इसके साथ ही संबंधित आरोपों के आधार पर एफआईआर दर्ज कराई गई और जांच के दौरान जिन लोगों की संलिप्तता सामने आई, उनके विरुद्ध गिरफ्तारी की कार्रवाई भी की गई। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही हैं। यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने दोहराया कि सरकार का उद्देश्य किसी निर्दोष को परेशान करना नहीं है, लेकिन यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सबसे कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में जनता का विश्वास सर्वोपरि है और सरकार उस विश्वास को हर हाल में बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी आरोपी को राजनीतिक, सामाजिक या किसी अन्य आधार पर संरक्षण देने के पक्ष में नहीं है। कानून सभी के लिए समान है और उसी के अनुसार कार्रवाई होगी।
नरेंद्र कश्यप ने कहा कि एसआईटी अपनी जांच पूरी कर सरकार को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट में जिन तथ्यों का उल्लेख होगा, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि जांच में किसी स्तर पर गंभीर अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ और भी सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल वर्तमान मामले का समाधान करना नहीं है, बल्कि ऐसी व्यवस्था विकसित करना है जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
मंत्री ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। देश और विदेश से श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धा और विश्वास के साथ मंदिर निर्माण के लिए दान दिया है। इसलिए इस प्रकार के मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि श्रद्धालुओं का विश्वास पूरी तरह कायम रहे और किसी भी प्रकार के विवाद या संदेह की स्थिति उत्पन्न न हो। इसी उद्देश्य से सभी जांच प्रक्रियाओं को गंभीरता और निष्पक्षता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
राज्य सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि भ्रष्टाचार या वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है। यदि कोई व्यक्ति कानून का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई तय है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी सरकार ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाएगी ताकि धार्मिक संस्थाओं और जनआस्था से जुड़े मामलों में पूर्ण पारदर्शिता बनी रहे।