
Ram Mandir Theft Case: अयोध्या राम मंदिर चंदा एवं चढ़ावा चोरी (Ram Mandir Donation Theft) मामले पर सत्ताधारी पार्टी बीजेपी और विपक्षी राजनेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसी बीच बसपा सुप्रीमो मायावती (BSP Chief Mayawati) ने प्रतिक्रिया दी है। मायावती ने 'X' पोस्ट के जरिए अपनी बात रखी है।
बसपा प्रमुख मायावती ने 'X' पर लिखा- अयोध्या में श्रीराम मंदिर से चढ़ावे की हुई चोरी, गबन व हेराफेरी आदि करने की मीडिया में आए दिन किस्म-किस्म की आ रही खबरें अति गंभीर और चिंतनीय हैं। ऐसे लोग कतई भी बख्शे नहीं जाने चाहिए, लेकिन इस मामले का राजनीतिकरण करना भी ठीक नहीं।
मायावती ने आगे लिखा- साथ ही, अब यहां मंदिर में श्रद्धा के चढ़ावे आदि में आगे कोई भी शिकायत ना आए। इसके लिए देश के दूसरे विख्यात व प्रसिद्ध मंदिरों में चढ़ावे आदि के हिसाब-किताब के लिए जो वहां व्यवस्था है तो उनका यहां अयोध्या में भी अनुशरण करके इस प्रकरण को जल्दी ही सुलझाना चाहिए तो यह उचित होगा।
बसपा प्रमुख मायावती ने आगे लिखा कि इतना ही नहीं, बल्कि देश में राजनीति का अपराधीकरण व अपराध का राजनीतिकरण तथा धर्म का राजनीतिकरण एवं राजनीति का अंध धर्मीकरण ना किया जाए, यह सही व संवैधानिक होगा। ऐसी बी.एस.पी. की राजनीतिक पार्टियों को देश व जनहित में सलाह और साथ ही देशवासियों से भी यह अपील है।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच तेज हो गई है। पुलिस ने सोमवार को राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से करीब 3 घंटे तक पूछताछ की और उनके बयान दर्ज किए। अधिकारियों ने उनसे प्रशासनिक फैसलों, चढ़ावा प्रबंधन व्यवस्था, कर्मचारियों की जवाबदेही और शिकायतों के निस्तारण से जुड़े कई सवाल पूछे।
सूत्रों के मुताबिक, चंपत राय के बयान का मिलान अन्य गवाहों के बयानों और उपलब्ध दस्तावेजों से किया जाएगा। जांच एजेंसियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान कुछ सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं मिल सके, ऐसे में जरूरत पड़ने पर उन्हें दोबारा भी बुलाया जा सकता है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार ट्रस्ट के पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा, पदाधिकारी गोपाल राव समेत करीब 70 लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजे गए हैं। इनमें ट्रस्ट से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी और अन्य संबंधित लोग शामिल हैं। इसके अलावा लगभग 140 गवाहों के बयान दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।
जांच टीम मंदिर के पांच-छह अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ कर चुकी है, जबकि गणना और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े करीब 30 लोगों से जल्द पूछताछ की जाएगी। पुलिस कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया की भी जांच कर रही है और कई लोगों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाली जा रही है।