
Stop Terrorism: 21 नवंबर को पाकिस्तान के ख़ुर्रम इलाके में आतंकवादियों द्वारा की गई 100 शिया मुसलमानों की हत्या ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने इस जघन्य कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए इसे मानवता पर हमला बताया।
मौलाना यासूब अब्बास ने लखनऊ में प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब फिलिस्तीन में मुसलमानों पर अत्याचार होते हैं, तो मुस्लिम दुनिया एकजुट होकर विरोध करती है। लेकिन शिया मुसलमानों पर होने वाले हमलों के प्रति यह एकजुटता गायब हो जाती है। उन्होंने कहा कि अन्याय किसी भी रूप में हो, उसकी निंदा की जानी चाहिए।
उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि इन हमलों में 15 से अधिक बच्चे और कई महिलाएं मारी गईं। घायल व्यक्तियों को एम्बुलेंस से निकालकर उनकी हत्या कर दी गई। मौलाना ने इसे आतंकी संगठनों की क्रूरता की चरम सीमा करार दिया।
मौलाना यासूब अब्बास ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान में आतंकवाद को सऊदी अरब के पेट्रो डॉलर का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने कहा कि मस्जिदों और इमामबाड़ों पर हमले यह दिखाते हैं कि ये आतंकवादी इस्लाम के नाम पर मानवता के सबसे बड़े दुश्मन हैं।
शिया धर्मगुरु ने संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों से पाकिस्तान के शिया मुसलमानों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की। मौलाना यासूब अब्बास ने कहा, "यह नरसंहार अब और सहन नहीं किया जा सकता। अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप समय की मांग है।"
शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना सय्यद साएम मेहंदी नक़वी ने पाकिस्तान को "पापिस्तान" करार देते हुए कहा कि यह देश आतंकवाद का गढ़ बन चुका है। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले भी चेहल्लुम-ए-इमाम हुसैन के मौके पर इसी तरह का नरसंहार किया गया था।
शिया हुसैनी फंड के सेक्रेटरी हसन मेहंदी ने कहा कि वह पिछले कई वर्षों से इस मुद्दे पर आवाज उठा रहे हैं और इसे लेकर संयुक्त राष्ट्र और भारत सरकार को पत्र लिखते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में शिया समुदाय पर अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही।
प्रेस वार्ता के दौरान मौलाना जाफ़र अब्बास ने आतंकवादी संगठनों को इंसानियत के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग जानवरों से भी बदतर हैं और इनकी सोच में इंसानियत के लिए कोई जगह नहीं है।
पाकिस्तान के ख़ुर्रम में 21 नवंबर को आतंकवादियों द्वारा 100 शिया मुसलमानों की हत्या।
मारे गए लोगों में 15 से अधिक बच्चे और कई महिलाएं शामिल।
घायल व्यक्तियों को एम्बुलेंस से निकालकर हत्या की गई।
सऊदी अरब के पेट्रो डॉलर से पाकिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा।
संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों से शिया मुसलमानों की सुरक्षा के लिए अपील।
पाकिस्तान को "पापिस्तान" कहा गया।