लखनऊ

UP Heavy Rain: यूपी में अतिवर्षा और आकाशीय बिजली से हुई जनहानि पर मुख्यमंत्री गंभीर, 24 घंटे में मुआवजा देने के निर्देश

UP Rain Alert: उत्तर प्रदेश में अतिवर्षा और आकाशीय बिजली से हुई जनहानि, पशु हानि एवं आर्थिक नुकसान पर मुख्यमंत्री ने गंभीर संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा और हर संभव राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
4 min read
Jul 10, 2026
अतिवर्षा और आकाशीय बिजली से नुकसान पर सीएम के 24 घंटे में मुआवजा देने के दिए निर्देश (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)
अतिवर्षा और आकाशीय बिजली से नुकसान पर सीएम के 24 घंटे में मुआवजा देने के दिए निर्देश (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)

UP CM Orders 24-Hour Compensation After Heavy Rain and Lightning Losses Across State: उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में लगातार हो रही अतिवर्षा और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं से हुई जनहानि, पशु हानि तथा आर्थिक नुकसान को लेकर मुख्यमंत्री ने गंभीर संज्ञान लिया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराई जाए और सभी प्रकार के नुकसान का आकलन कर निर्धारित समय सीमा के भीतर सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने इस प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में हर प्रभावित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।

24 घंटे के भीतर राहत राशि उपलब्ध कराने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अतिवर्षा और आकाशीय बिजली की घटनाओं से हुई जनहानि, पशु हानि तथा फसलों एवं अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी पात्र प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर अनुमन्य राहत एवं मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि राहत वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी हो, ताकि पीड़ित परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

फील्ड में उतरकर करें अधिकारियों की जिम्मेदारी का निर्वहन

मुख्यमंत्री ने सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करें और राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी करें। उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि मौके पर जाकर प्रभावित परिवारों की समस्याओं को समझें और उनका तत्काल समाधान सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आपदा की घड़ी में प्रशासन की सक्रियता और संवेदनशीलता ही लोगों का भरोसा मजबूत करती है।

प्रभावित परिवारों से संवाद बनाए रखने पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रभावित परिवारों से लगातार संवाद बनाए रखें और उन्हें हर संभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजन खोए हैं या जिनकी आजीविका प्रभावित हुई है, उन्हें प्रशासन की ओर से हर स्तर पर सहयोग मिलना चाहिए। राहत सामग्री, भोजन, चिकित्सा सुविधा और आवश्यक सहायता समय पर उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रभावित व्यक्ति को सहायता के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े।

घायलों के समुचित उपचार के निर्देश

मुख्यमंत्री ने आकाशीय बिजली और अन्य दुर्घटनाओं में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया है कि सभी घायलों का बेहतर से बेहतर उपचार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में इलाज की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध रहें और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएं। मरीजों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए स्वास्थ्य अधिकारियों को सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलों में आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनियों पर लगातार नजर रखी जाए और जिन क्षेत्रों में भारी वर्षा या आकाशीय बिजली की आशंका हो, वहां पहले से ही आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित कर ली जाएं। स्थानीय प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग तथा राजस्व विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

मुख्यमंत्री ने लोगों से भी अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचें तथा आकाशीय बिजली और भारी वर्षा को लेकर प्रशासन एवं मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि जन सहयोग और प्रशासन की सक्रियता से प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

प्रदेश सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित प्रत्येक परिवार को नियमानुसार हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। राहत एवं पुनर्वास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी संबंधित विभागों को पूरी संवेदनशीलता तथा तत्परता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासन की सक्रिय भूमिका और समयबद्ध राहत कार्यों से प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत मिलेगी तथा वे इस कठिन परिस्थिति से जल्द उबर सकेंगे।