लखनऊ

यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय का WhatsApp अकाउंट हुआ बंद, BJP पर लगाया राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप

Uttar Pradesh News: यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने दावा किया कि राजनीतिक दबाव में उनका WhatsApp अकाउंट बंद किया गया। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए इसे तानाशाही बताया और WhatsApp व Meta से अकाउंट बहाल करने की मांग की।
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Aug 14, 2026
Uttar Pradesh Congress President Ajay Rai
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय (फाइल फोटो- ANI)

Ajay Rai WhatsApp Account Banned: यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने दावा किया है कि उनका वॉट्सएप (WhatsApp) अकाउंट बंद कर दिया गया है। उन्होंने इसे भाजपा सरकार की नीतियों, घोटालों और नाकामियों के खिलाफ आवाज उठाने की सजा बताया है। अजय राय ने इसकी जानकारी फेसबुक पोस्ट के जरिए दी और कहा कि उनके अकाउंट पर राजनीतिक दबाव में कार्रवाई की गई है।

अजय राय ने लगाया राजनीतिक दबाव का आरोप

अजय राय ने फेसबुक पर लिखा कि तानाशाही अपने चरम पर है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों, घोटालों और नाकामियों के खिलाफ लगातार आवाज़ उठाने की सजा दी जा रही है। उन्होंने लिखा कि भाजपा के राजनीतिक दबाव में मेरा WhatsApp अकाउंट बैन कर दिया गया है, यहां तक कि रिव्यू (Review) का अधिकार भी छीन लिया गया है। भाजपा चाहे जितने डिजिटल हथकंडे अपना ले, कांग्रेस जनता की लड़ाई सड़क से संसद तक लड़ती रहेगी।

अजय राय की पोस्ट का स्क्रीनशॉट।

WhatsApp और Meta से की बहाली की मांग

अजय राय ने WhatsApp और Meta से अपने अकाउंट को तुरंत बहाल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि WhatsAppTeam और Meta तुरंत इस खाते को बहाल करें।

भाजपा ने पूरे दलित समाज का अपमान किया है- अजय राय

इससे पहले, अजय राय ने हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद RSS और भाजपा से जुड़े लोगों की ओर से उस स्थान का 'शुद्धिकरण' किए जाने को लेकर कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने इसे दलित समाज के प्रति भाजपा-RSS की सोच का उदाहरण बताया।

अजय राय ने कहा कि यह सिर्फ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का अपमान नहीं, बल्कि पूरे दलित समाज का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा-RSS चाहे कितने भी सहभोज के आयोजन कर लें, उनकी दलित विरोधी सोच ऐसे मामलों में सामने आ ही जाती है। अजय राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले पर संसद में जवाब देने और भाजपा-RSS से देश के दलित समाज से माफी मांगने की मांग की।

जानिए क्या है पूरा मामला

दरअसल, 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की विजय शंखनाद रैली हुई थी। इसमें मल्लिकार्जुन खरगे समेत कांग्रेस के कई नेता शामिल हुए थे। इसके दो दिन बाद 10 अगस्त को श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास ने मैदान में हवन किया और गंगाजल का छिड़काव किया। संगठन ने इसे मैदान की पवित्रता बनाए रखने की कार्रवाई बताया। इसके बाद कांग्रेस ने आरोप लगाया कि खरगे समेत रैली में शामिल दलित नेताओं की वजह से यह 'शुद्धिकरण' किया गया।

Updated on:
14 Aug 2026 11:12 am
Published on:
14 Aug 2026 11:12 am