29 सितंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

‘जमीनी स्तर पर मुसलमान समाजवादी पार्टी से नाराज हैं’, मौलाना बरेलवी ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना

Maulana Shahabuddin Razvi Barelvi Latest News: मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने अखिलेश यादव के सपा-कांग्रेस गठबंधन से जुड़े रुख की आलोचना की। उन्होंने उज्जैन मस्जिद विवाद में पत्थरबाजी करने वालों पर कार्रवाई और हिंदी भाषा को बढ़ावा देने का समर्थन किया।
3 min read
Google source verification

लखनऊ

•

image

Harshul Mehra

•

Sep 29, 2026

maulana-shahabuddin-razvi-akhilesh-yadav-ujjain-masjid-hindi-language

शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी, PC-IANS

Maulana Shahabuddin Razvi Barelvi Latest News:ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवीने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर अखिलेश यादव के रुख पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अखिलेश यादव की रथ यात्रा की शुरुआत और 'इंडिया' गठबंधन की बैठक में शामिल नहीं होने के फैसले को लेकर सवाल उठाए। इसके साथ ही उन्होंने उज्जैन मस्जिद विवाद में पत्थरबाजी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और हिंदी भाषा को लेकर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के बयान का समर्थन किया।

अखिलेश यादव पर साधा निशाना

सपा-कांग्रेस गठबंधन को लेकर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि अखिलेश यादव ने रायबरेली से अपनी रथ यात्रा की शुरुआत करके कांग्रेस को चुनौती दी है। उनके मुताबिक, इसके जरिए अखिलेश यादव ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पर निर्भर नहीं है और वह अकेले भी चुनाव लड़ सकती है।

मौलाना बरेलवी ने कहा कि अखिलेश यादव ने राहुल गांधी को भी यह बताने की कोशिश की है कि समाजवादी पार्टी कांग्रेस की मोहताज नहीं है। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस को यह तय करना है कि वह समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन करना चाहती है या नहीं।

'इंडिया' गठबंधन की बैठक में नहीं जाने पर टिप्पणी

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने 30 सितंबर को कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से बुलाई गई 'इंडिया' गठबंधन की बैठक का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने बैठक में शामिल नहीं होने की बात स्पष्ट कर दी है। उन्होंने इस फैसले को लेकर कहा कि अखिलेश यादव कांग्रेस को नीचा दिखाने और खुद को बड़ा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। मौलाना बरेलवी ने दावा किया कि अखिलेश यादव गलतफहमी के शिकार हैं और दिन के उजाले में ख्वाब देख रहे हैं।

'जमीनी स्तर पर मुसलमान सपा से नाराज'

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने समाजवादी पार्टी के जनाधार को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि जमीनी स्तर पर मुस्लिम समाज समाजवादी पार्टी से नाराज है। उनके मुताबिक, अखिलेश यादव की ओर से कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर अपनाया जा रहा रुख जमीन पर पार्टी की स्थिति के अनुरूप नहीं है। उन्होंने इसी संदर्भ में अखिलेश यादव के राजनीतिक कदमों की आलोचना की।

उज्जैन मस्जिद विवाद पर क्या बोले मौलाना बरेलवी?

उज्जैन में मस्जिद से जुड़े विवाद को लेकर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण की परियोजना में मस्जिद के हिस्से की वजह से करीब तीन फीट की रुकावट आ रही थी। उनके मुताबिक, वहां के मुस्लिम समुदाय ने हालात को बिगड़ने से बचाने के लिए खुद ही उस हिस्से को गिराना शुरू किया।

उन्होंने कहा कि इस कदम की देशभर में तारीफ हो रही है। हालांकि, उनके मुताबिक कुछ शरारती और असामाजिक तत्वों ने वहां पहुंचकर पत्थरबाजी के जरिए माहौल खराब करने की कोशिश की।

पत्थरबाजी करने वालों पर कार्रवाई की मांग

मौलाना बरेलवी ने पत्थरबाजी की घटना को लेकर सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की पहचान की जानी चाहिए और उन पर रोक लगाई जानी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे राजनीतिक लोग भाईचारा और गंगा-जमुनी संस्कृति को बनाए रखना नहीं चाहते। मौलाना बरेलवी ने कहा कि पत्थरबाजी करने वालों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाना चाहिए।

हिंदी भाषा पर ब्रजेश पाठक के बयान का समर्थन

हिंदी भाषा को लेकर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के बयान पर भी मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह ब्रजेश पाठक के बयान का समर्थन करते हैं।

मौलाना बरेलवी ने कहा कि हिंदी भारत की जुबान है और इसे बढ़ावा देने के लिए हर संभव कदम उठाया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, हिंदी भाषा को आगे बढ़ाने, उसे तरक्की देने और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की जरूरत है।

हिंदी में इस्लामी साहित्य को बढ़ावा देने की बात

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि देश के एक बड़े हिस्से में हिंदी बोली जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि अब इस्लामी साहित्य हिंदी भाषा में भी आ रहा है। उनके मुताबिक, हिंदी के माध्यम से इस्लामी साहित्य को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने हिंदी को साहित्य के प्रसार का माध्यम बताते हुए इसे आगे बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।