
UP Mango Festival 2026: Yogi Adityanath to Inaugurate 3-Day Grand Mango Showcase in Lucknow: उत्तर प्रदेश की पहचान केवल अपनी ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक धरोहर से ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में मशहूर स्वादिष्ट आमों से भी है। इसी समृद्ध विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से राजधानी लखनऊ में यूपी आम महोत्सव 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस तीन दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। आयोजन स्थल इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान (आईजीपी) में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गुरुवार को उद्यान भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने महोत्सव की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए इसे प्रदेश के बागवानों, उद्यान विशेषज्ञों और आम प्रेमियों के लिए एक महत्वपूर्ण आयोजन बताया।
मंत्री ने कहा कि इस वर्ष आम महोत्सव पहले से अधिक व्यापक और आकर्षक होगा। इसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा देश के कई राज्यों के उद्यान विभागों के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे। महोत्सव का उद्देश्य केवल आम की प्रदर्शनी लगाना नहीं, बल्कि किसानों को आधुनिक तकनीक, निर्यात की संभावनाओं और बागवानी के नवीन तरीकों से जोड़ना भी है।
राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि तीन दिवसीय आम महोत्सव में सात श्रेणियों और 56 वर्गों के अंतर्गत लगभग 800 से अधिक आम की प्रजातियों का प्रदर्शन किया जाएगा। दशहरी, लंगड़ा, चौसा, आम्रपाली, मल्लिका, सफेदा, तोतापरी सहित कई पारंपरिक और दुर्लभ किस्में एक ही स्थान पर देखने को मिलेंगी। महोत्सव में विशेषज्ञ यह भी बताएंगे कि विभिन्न जलवायु और मिट्टी के अनुसार कौन-सी प्रजातियां अधिक उपयुक्त हैं। इससे बागवानों को अपनी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री ने कहा कि आम उत्पादन के मामले में उत्तर प्रदेश पूरे देश में प्रथम स्थान पर है। प्रदेश में लगभग 3.27 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में आम की खेती की जाती है और यहां से लगभग 61.96 लाख मीट्रिक टन आम का उत्पादन होता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जलवायु और उपजाऊ भूमि आम उत्पादन के लिए बेहद अनुकूल है। यही कारण है कि यहां की दशहरी और अन्य किस्मों की देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी बड़ी मांग रहती है।
दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदेश से आम के निर्यात में पिछले वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार किसानों को बेहतर पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
इसी दिशा में लखनऊ, सहारनपुर, वाराणसी और अमरोहा में आधुनिक मैंगो पैक हाउस स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर आम की ग्रेडिंग, पैकिंग और गुणवत्ता जांच की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे निर्यात योग्य फलों की गुणवत्ता और बेहतर हुई है।
मंत्री ने स्वीकार किया कि इस वर्ष मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों का असर आम के उत्पादन पर पड़ा है। असमय बारिश और मौसम में बदलाव के कारण कुछ क्षेत्रों में उत्पादन प्रभावित हुआ, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश का कुल उत्पादन संतोषजनक बना हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को वैज्ञानिक खेती और आधुनिक तकनीकों से जोड़ने का लगातार प्रयास कर रही है ताकि भविष्य में मौसम संबंधी चुनौतियों का प्रभाव कम किया जा सके।
यूपी आम महोत्सव केवल प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रहेगा। आयोजन के दौरान बागवानों के लिए विशेष कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी, जिनमें उन्नत बागवानी तकनीक, पौधों का वैज्ञानिक प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, सिंचाई व्यवस्था तथा उत्पादन बढ़ाने के आधुनिक उपायों पर विशेषज्ञ जानकारी देंगे। इन कार्यशालाओं में कृषि वैज्ञानिक, उद्यान विशेषज्ञ और शोध संस्थानों के प्रतिनिधि किसानों के सवालों का जवाब भी देंगे। सरकार का उद्देश्य किसानों की लागत कम करना और उनकी आय में वृद्धि करना है।
राज्य मंत्री ने बताया कि इस वर्ष किसानों को आम की गुणवत्ता सुधारने और कीटों से बचाव के लिए 1.50 करोड़ फ्रूट कवर बैग वितरित किए गए हैं। इन बैगों के उपयोग से फलों को कीटों, धूल और अन्य बाहरी प्रभावों से सुरक्षा मिलती है, जिससे उनकी गुणवत्ता और चमक बेहतर होती है। उन्होंने कहा कि बेहतर गुणवत्ता वाले फलों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिक मूल्य मिलता है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलती है।
आम महोत्सव में केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के उद्यान विभागों के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे। इससे विभिन्न राज्यों के किसानों और विशेषज्ञों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान होगा और नई तकनीकों की जानकारी साझा की जाएगी। यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर बागवानी क्षेत्र में सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देने का भी माध्यम बनेगा।
राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि लखनऊ में हाल ही में हुई अग्निकांड की दुखद घटना को देखते हुए इस वर्ष आम महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। हालांकि महोत्सव के सभी तकनीकी, कृषि और प्रदर्शनी संबंधी कार्यक्रम पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित होंगे।