
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'संविधान हत्या दिवस' के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव और कांग्रेस गठबंधन पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। सीएम योगी ने कहा कि अखिलेश यादव आज उस कांग्रेस के डूबते हुए जहाज पर सवार हैं, जिसका विरोध खुद उनके पिता दिवंगत मुलायम सिंह यादव आजीवन करते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश अपने पिता की राजनीतिक विरासत को पूरी तरह मटियामेट करने पर उतारू हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा और कांग्रेस के पुराने इतिहास का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव के राजनीतिक आचरण पर सवाल खड़े किए। सीएम योगी ने कहा, याद करिए, जब भी समाजवादी पार्टी कांग्रेस के साथ गठबंधन करने का प्रयास करती थी, तब मुलायम सिंह जी हमेशा उसका कड़ा विरोध करते थे। वह साफ कहते थे कि सब कुछ हो जाए, लेकिन कांग्रेस के साथ कभी कोई समझौता या गठबंधन नहीं होना चाहिए। लेकिन आज उनके उत्तराधिकारी (अखिलेश यादव) क्या कर रहे हैं? उनका आचरण देखिए, वे सिर्फ अपने फायदे के लिए मुलायम सिंह की विरासत को खुद ही डुबोने में लगे हैं।"
मुख्यमंत्री ने दोनों दलों को घेरते हुए कहा कि परिवारवाद की राजनीति को बचाए रखने के लिए सपा और कांग्रेस एक साथ आए हैं। उन्होंने सपा के पिछले कार्यकालों पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र को कुचलने में इन दोनों दलों का इतिहास एक जैसा रहा है।
संस्थाओं पर हमला : सीएम योगी ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान न्यायपालिका, कार्यपालिका और प्रेस (मीडिया) जैसी संवैधानिक संस्थाओं का कोई सम्मान नहीं किया जाता था और उन पर हमले किए जाते थे।
संवैधानिक मान्यताओं के विपरीत: उन्होंने आगे कहा कि ये लोग आज भी मिलकर देश के लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। परिवारवाद को पोषित करना और संवैधानिक मान्यताओं के विपरीत आचरण करना ये दल अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ का यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तेजी से वायरल हो रहा है। 'संविधान हत्या दिवस' के मौके पर दिए गए इस भाषण के जरिए भाजपा ने एक बार फिर सपा-कांग्रेस गठबंधन को घेरकर राज्य में नए राजनीतिक नैरेटिव को हवा दे दी है।