
APAR ID: महासमुंद जिले में अपार आईडी (आटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट ) बनाने में छात्रों को कई समस्याएं आ रही है। आधार और पोर्टल के डेटा में अंतर होने और छात्र का नाम यूडाइस पोर्टल पर दर्ज नहीं होने से 34 हजार छात्रों की अपार आईडी अटकी हुई है। लक्ष्य से 16 प्रतिशत छात्रों की अपार आईडी नहीं बन पाई है। मिली जानकारी के अनुसार जिले में कुल छात्रों की संख्या दो लाख 16 हजार 156 है। अब तक जिले में लगभग एक लाख 81 हजार 619 छात्रों का अपार आईडी बनाया जा चुका है। मिली जानकारी के अनुसार लगभग 34110 छात्रों की अपार आईडी बनाने का कार्य शेष है। कई छात्रों के दस्तावेजों में त्रुटियां होने के कारण पहले से ही प्रक्रिया अटकी हुई है।
एक राष्ट्र और एक छात्र की आईडी बनाने की योजना के साथ आईडी बनाने का कार्य किया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार आधार में नाम त्रुटि के साथ-साथ, एक ही मोबाइल नंबर का बार-बार उपयोग से छात्रों का रजिस्ट्रेशन करने में एरर आ रहा है। कुछ बच्चों का नाम दो अलग-अलग विद्यालयों के पोर्टल पर दर्ज होने से अपार आईडी बनाने में समस्या आ रही है। आईडी नहीं बनने से छात्रवृत्ति, ड्रेस जैसी योजनाओं पर भी असर पड़ सकता है।
आधार में त्रुटि के कारण पिछले एक साल से अपार आईडी बनाने में गति नहीं मिल पा रही है। डीएमसी रेखराज शर्मा ने बताया कि अपार आईडी बनाने का पोर्टल खुल गया है। नए अपार आईडी बनाए जा सकेंगे और इसके आलावा छात्रों का आधार भी अब अपडेट हो सकेगा। स्कूल में ही छात्रों का बायोमेट्रिक अपडेट हो सकेगा। इसके लिए शिविर लगाए जाएंगे।
अपार आईडी के माध्यम से छात्रों को 12 अंकों का कोड प्रदान किया जाता है। जो विद्यार्थियों के आधार से लिंक रहेगा। जिसका उपयोग छात्र-प्रमाण-पत्रों को सुरक्षित रखने के लिए कर सकते हैं।
जिले के छात्रों का आधार बायोमेट्रिक अपडेट करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। आधार बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू) के तहत छात्रों के फिंगरप्रिंट और आंखों के पुतली अपडेट की जा रही है। आधार में नाम, पता, जन्मतिथि या मोबाइल नंबर भी सुधारा जा सकता है। 5 से 7 वर्ष के बच्चों का प्रथम और 15 से 17 वर्ष के छात्रों का द्वितीय मेंडेटरी बायोमेट्रिक अपडेट करना है। इस प्रक्रिया के तहत छात्रों का नया फोटो भी अपलोड किया किया जा रहा है। स्कूलों में छात्रों की पहचान भी की जा रही है, जिनके आधार बायोमेट्रिक अपडेट बाकी है। जिले में ऐसे छात्र भी हैं, जिनकी आधार वेरीफाई हो चुकी है, लेकिन अपार आईडी नहीं बना है। एक लाख 86 हजार 582 छात्रों आधार वेलीडेशन का कार्य भी किया जा चुका है।
मिली जानकारी के अनुसार महासमुंद विकाखंड में 90.74 प्रतिशत लोगों की आईडी बनाई जा चुकी है। पिथौरा में 83.42 प्रतिशत, बागबाहरा में 82.83 प्रतिशत, बसना में 80..63 और सरापयपाली में सरायपाली में 78 प्रतिशत अपार आईडी का निर्माण कर लिया गया है। कुल 84 प्रतिशत आईडी बन चुकी है। 8 हजार 162 से ज्यादा छात्रों का आधार उपलब्ध ही नहीं कराया है।