Premanand Maharaj: वृंदावन के मशहूर संत प्रेमानंद महाराज ने अपने एकांतवास और मौन व्रत के बीच भक्तों के लिए एक बहुत भावुक कर देने वाला संदेश भेजा है। महाराज जी ने कहा कि मैं मिलूं या न मिलूं, आपके साथ हमेशा रहूंगा।
Premanand Maharaj: देश और दुनिया में करोड़ों लोगों के गुरु वृंदावन के संत श्री हित प्रेमानंद महाराज जी ने अपने भक्तों के लिए एक बेहद भावुक संदेश दिया है। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से महाराज जी के एकांतवास और मौन व्रत के कारण उनके दर्शन, पदयात्रा और बातचीत के सारे कार्यक्रम रोक दिए गए थे। इससे दूर-दूर से आने वाले भक्त काफी उदास हो गए थे। अपने भक्तों को परेशान देखकर महाराज जी ने खुद सामने आकर उनका हौसला बढ़ाया। महाराज जी ने कहा कि मैं आपके सामने रहूं या न रहूं, आपके गुरुदेव हमेशा आपके दिमाग और यादों में रहेंगे।
अचानक दर्शन बंद होने से लाखों भक्त दुखी थे। महाराज जी ने उन्हें तसल्ली देते हुए कहा कि आप लोग बिल्कुल भी चिंता मत कीजिए। हम मिलें या न मिलें, आपसे बात करें या न करें, हम आप सभी से बहुत प्यार करते हैं। अगर आपको हमारे इस प्यार पर भरोसा है, तो बस राधा रानी (श्री जी) के चरणों में अपना ध्यान लगाइए। महाराज जी ने भरोसा दिया कि सामने होना ही जरूरी नहीं है, वे बिना बोले भी हमेशा अपने भक्तों के साथ रहेंगे।
प्रेमानंद महाराज जी ने भक्तों को खुद के पैरों पर खड़े होने और भगवान पर भरोसा रखने की सीख दी। उन्होंने कहा कि आपका पेट और आपका जीवन आपके भगवान पालते हैं, कोई इंसान नहीं। जब भी आपको लगने लगे कि आपका जीवन किसी इंसान के भरोसे चल रहा है, तो उस रास्ते को तुरंत छोड़ दीजिए। दुनिया की टेंशन छोड़िए, बिना किसी डर के रहिए और अपना पूरा समय सिर्फ भगवान के नाम जप और भजन में लगाइए।
आमतौर पर लोग सोचते हैं कि संत जब चुप होते हैं या अकेले रहते हैं, तो वो दुनिया छोड़ रहे हैं। लेकिन महाराज जी ने कहा कि मेरा यह मौन व्रत और अकेले रहना मेरे अपने लिए नहीं है, बल्कि आप सभी भक्तों के भले के लिए है। मुझे जो पाना था वो मिल गया, अब जो कुछ भी हो रहा है वो आप सबके कल्याण के लिए हो रहा है। उन्होंने यह भी साफ किया कि यह मौन हमेशा के लिए नहीं है, जब भी ऐसा होगा वे बता देंगे।
महाराज जी ने अपने भक्तों को सुखी रहने का एक बहुत आसान तरीका बताया। उन्होंने कहा कि आपको यह सोचकर परेशान होने की जरूरत नहीं है कि आपका भला कैसे होगा। बस राधा रानी के भरोसे रहिए, खूब भजन करिए, भगवान का नाम जपिए और हमेशा खुश रहिए।