
Ayodhya Ram Mandir Donation Controversy: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद अब मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर भी सतर्कता और सख्ती बढ़ा दी गई है। मंदिर प्रबंधन, दान और चढ़ावे की सुरक्षा को लेकर कोई कोताही नहीं बरतना चाहता। इसी के तहत अब चढ़ावे की गणना करने वाले कक्ष में प्रवेश के नियमों को बेहद सख्त कर दिया गया है।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान प्रबंधन ने तय किया है कि चढ़ावे की गिनती करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को गणना कक्ष में बिना जेब वाले कपड़े पहनकर ही प्रवेश मिलेगा। वैसे तो यह नियम पहले भी था लेकिन अब इसे और ज्यादा सख्ती से लागू किया जा रहा है। अब गणना कक्ष में जाने और बाहर आने पर पूरी सघन तलाशी ली जाएगी ताकि चोरी की कोई गुंजाइश ही न बचे। इसके अलावा निगरानी के लिए सुपरवाइजरों की संख्या भी बढ़ा दी गई है। प्रबंधन का स्पष्ट मानना है कि चोरी होने के बाद CCTV देखने की नौबत ही क्यों आने दी जाए।
सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए जगमोहन दान कक्ष गणना कक्ष और लॉकर रूम में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जा रही है। साथ ही पुराने कैमरों की जगह अब अत्याधुनिक कैमरे लगाए जा रहे हैं जिनकी वीडियो क्वालिटी बहुत साफ होगी। दिल्ली की एक कंपनी इन कैमरों को लगाने के लिए सर्वे का काम भी पूरा कर चुकी है।
अब तक मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग केवल एक महीने तक ही सुरक्षित रखी जाती थी। लेकिन नई व्यवस्था के तहत अब इस रिकॉर्डिंग को छह महीने तक सुरक्षित रखा जाएगा। इसके साथ ही एक साल तक का बैकअप रखने की भी तैयारी की जा रही है। प्रबंधन अब दान की गणना का सीधा प्रसारण देखने और पिछली रिकॉर्डिंग को कभी भी चेक करने की सुविधा भी विकसित कर रहा है।
मंदिर के जगमोहन में लगने वाले अत्याधुनिक कैमरे इतनी पैनी नजर रखेंगे कि पुजारी की माला तक उनकी जद में होगी। जब पुजारी किसी भक्त को माला या प्रसाद देंगे तो कैमरे इस बात पर भी नजर रखेंगे कि कहीं इसके बदले में कुछ लिया तो नहीं जा रहा है।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने इस नई व्यवस्था पर जानकारी देते हुए कहा कि जन्मस्थान पर व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार किए जा रहे हैं और भविष्य में भी यह प्रक्रिया जारी रहेगी। पूरी सतर्कता के साथ काम किया जा रहा है ताकि किसी तरह की कोई गड़बड़ी न हो और मंदिर आने वाले भक्तों की भावनाएं आहत न हों।