मेरठ

इन जिलाें में प्रवाहित की जाएंगी अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां

दिल्ली के एम्स में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 16 अगस्‍त की शाम को मृत्‍यु हो गई
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Updated: 17 Aug 2018, 12:56 PM IST
atal bihari vajpayee
इन जिलाें में प्रवाहित की जाएंगी अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां

मेरठ। पिछले कई माह से अस्वस्थ होने के चलते दिल्ली के एम्स में भर्ती पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की गुरुवार शाम 5.05 पर मृत्‍यु हो गई। वह काफी समय से बीमार चल रहे थे। कई साल पहले उन्‍होंने सक्रिय राजनीति से संन्‍यास ले लिया था। अटल जी के निधन के बाद भाजपा में शोक की लहर है।

उत्‍तर प्रदेश से रहा है लगाव

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उत्‍तर प्रदेश से बहुत अधिक लगाव था। उनके निधन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की थी कि अटल जी की अस्थियों को प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों की नदियों में प्रवाहित कराया जाएगा। इसमें पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश के जिलों की प्रमुख नदियां भी शामिल हैं। मेरठ, गाजियाबाद, सहारनपुर, बागपत, बुलंदशहर, मुरादाबाद, बिजनौर और मुजफ्फरनगर जिले के अंतगर्त आने वाली प्रमुख नदियों में उनकी अस्थियों को प्रवाहित किया जाएगा। फिलहाल पूर्व प्रधानमंत्री के पार्थिव शरीर को उनके दिल्ली सरकारी निवास 6 कृष्णा मेनन मार्ग पर रखा गया है, जहां नेताओं और अन्य लोगों का तांता लगा हुआ है।

राज्‍य के कई शहरों की नदियों में होंगी प्रवाहित

पश्‍िचमी उत्‍तर प्रदेश भाजपा के प्रवक्‍ता आलोक सिसोदिया का कहना है क‍ि अटल बिहारी वाजपेयी उत्‍तर प्रदेश काे अपनी कर्मभूमि मानते थे। इस लिए राज्‍य के प्रमुख शहराें की नदियों में उनकी अस्थियाें को प्रवाहित किया जाएगा। इसके साथ ही देश में जिन शहराें सें अटल जी का नाता रहा है, वहां भी उनकी अस्थियों को प्रवाहित कराया जाएगा।

यूपी रही है कर्मभूमि

यूपी से अटल बिहारी वाजपेयी का गहरा रिश्ता रहा है। इसी राज्य को उनकी कर्मभूमि कहा जाता है। वह लखनऊ से सांसद रहे। भाजपा को सत्ता तक पहुंचाने में उनका बहुत बड़ा योगदान है। एक सांसद से राजनीतिक शुरुआत करने वाली भाजपा को 300 का आंकड़ा पार कराने वाले अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को नकारा नहीं सकता है।

इन नदियों में प्रवाहित की जाएगी अस्थियां

पश्चिम उत्‍तर प्रदेश में अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियों को सर्वप्रथम बिजनौर जिले में गंगा में प्रवाहित किया जाएगा। इसका कारण यह है कि गंगा प्रदेश में सर्वप्रथम बिजनौर जिले में ही प्रवेश करती है। यह जिला गंगा का उत्‍तर प्रदेश में प्रवेश द्वार है। सहारनपुर के फैजाबाद नामक स्थान पर यमुना का उत्‍तर प्रदेश में प्रवेश द्वार माना गया है, इसलिए सहारनपुर में यमुना में इसे प्रवाहित किया जाएगा। इसके अलावा मेरठ के हस्तिनापुर में गंगा में, मुजफ्फरनगर में शुक्रताल में और गाजियाबाद में हिंडन में पूर्व प्रधानमंत्री की अस्थियां प्रवाहित की जाएंगी।

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