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जब रुपयों से भरी थैली लेकर अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था, हल्‍की है

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने गुरुवार शाम 5.05 बजे एम्‍स में अंतिम सांस ली
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नोएडा

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sharad asthana

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Updated: 17 Aug 2018, 9:38 AM IST

Atal Bihari Vajpayee

अटल बिहारी वाजपेयी

नोएडा। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने गुरुवार शाम 5.05 बजे एम्‍स में अंतिम सांस ली। इसके साथ ही पूरे देश में शाेक की लहर दौड़ गई। इससे सत्‍ता पक्ष ही नहीं बल्कि विपक्ष के लोगों को भी काफी गहरा आघात लगा है। इस बीच कई नेता पूर्व प्रधानमंत्री के साथ के अपने कुछ यादगार लम्‍हें बता रहे हैं।

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नवाब सिंह नागर ने सांझा किया किस्‍सा

भाजपा के प्रदेश उपाध्‍यक्ष और पूर्व विधायक नवाब सिंह नागर के पास कई सारे यादगार लम्‍हें हैं। इन्‍हीं में से कुछ ऐसे संस्‍मरण उन्‍होंने सांझा किए। उन्‍होंने बताया, बात 1980 के आसपास की है। उस समय वह मंडल अध्‍यक्ष थे। नोएडा स्थित नया बांस में एक पंचायत होनी थी। इसमें अटल बिहारी वाजपेयी के बड़ी कुर्सी का इंतजराम किया गया था। वह यहां आए लेकिन कुर्सी पर नहीं बैठे। वह यहां पड़ी चारपाई पर बैठे।

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एक और किस्‍सा

एक और किस्‍सा सुनाते हुए नवाब सिंह नागर ने कहा, पूरे देश में पार्टी को मजबूत करने का अभियान चल रहा था। अटल जी 60 साल के हो गए थे। हमने उन्‍हें 60 हजार रुपये की थैली भेंट करने की योजना बनाई लेकिन जोड़-तोड़कर करके भी कुल 38 हजार रुपये ही जुटा पाए। जब इस थैली को अटल जी को दिया तो उन्‍होंने इसे हाथ में लिया। इसके बाद उन्‍होंने हंसते हुए कहा था, हल्‍की है। इस पर सब लोग हंस पड़े थे।

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सपा नेता अशोक प्रधान

सपा नेता अशोक प्रधान भाजपा से चार बार सांसद राह चुके हैं। वह अटल सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। उन्‍होंने बताया, वर्ष 2000 में जब मैं केंद्रीय मंत्री बना तो विदेश में था। इस वजह से शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हो पाया। बाद में अटल जी ने अलग से मेरे लिए शपथ ग्रहण का अयोजन कराया था।

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