
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ. शादी के आयोजनों पर फिर से कोरोना का ग्रहण लगने लगा है। कोरोना (Coronavirus) को लेकर आई शासन की नई गाइडलाइन (New Guideline) के अनुसार अब शादी समारोह (Wedding Ceremony) में मेहमानों की संख्या सीमित होने से मुश्किलें बढ़ गई हैं। इससे उन लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिनके यहां पर शादी समारोह की तैयारी चल रही है। मंडप संचालक मेहमानों की संख्या में कटौती करने को तैयार नहीं हैं, क्योकि उन्हें पैसा वापस लौटाना होगा। वहीं दूसरी ओर लोग अब बुकिंग भी कैसिंल करने लगे हैं, जिसके चलते शादी-ब्याह से जुड़े कारोबारियों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। कार्ड बंट जाने के बाद अब प्रशासन की गाइडलाइन का हवाला देते हुए आयोजनकर्ता फोन करके बारातियों को कम लाने की बात कह रहे हैं।
बता दें कि 22, 24, 25, 29 अप्रैल 2021 को होने वाले शादी के कार्यक्रम भी निरस्त होने शुरू हो गए हैं। कोई एक ही दिन गोद भराई, सगाई और शादी करना चाहता है तो कोई शाम को आठ बजे अपने घर वापसी की योजना बना रहा है तो कोई शादी और रिसेप्शन कोरोना कहर शांत होने पर करने की रूपरेखा बना रहा है। इसको लेकर मेरठ में कई फार्म हाउसों की बुकिंग निरस्त होनी शुरू हो गई हैं, जो फार्म हाउस में आलीशान पंडाल लगवाकर शादी करना चाहते थे, अब वह भीड़ कम होने की बात कहकर हाल में ही काम चलाऊ समारोह करने की बात कर रहे हैं। इसका असर भी बैंकेट हाल और फार्म हाउसों के अलावा बैंड-बाजा और बग्गी वालों पर दिखने लगा है। जिला प्रशासन ने वैसे भी 18 अप्रैल की सुबह तक नाइट कर्फ्यू (Night Curfew) निर्देश दिए हैं।
मेरठ टैंट एंड डेकोरेटर्स के महामंत्री विपुल सिंघल का कहना है कि इससे काफी परेशानी हो रही है। सभी के सामने मुश्किलें हैं। खाना बनाने वाले हलवाई को मेहमानों की सूची (Guest List) के हिसाब से पेमेंट की जा चुकी है, जिसमें कटौती की बात करने पर वो रूपया वापस करने पर मना कर रहा है। वहीं मेरठ जिले में आगामी शादियों के सीजन की 50 प्रतिशत बुकिंग कैसिंल हो चुकी है।