Cyclone Tauktae म्यांमार की वजह से पड़ा इस तूफान का नाम तौकते, हिंदी भाषा में तौकते का अर्थ होता है छिपकली जानिए कैसे रखा जाता है किसी तूफान का नाम
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ. तबाही मचा रहा तूफान तौकते ( Cyclone Tauktae ) गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत से होता हुआ ( cyclone tauktae path ) अब उत्तर प्रदेश में दाखिल हो चुका है। तौकते ने यूपी से पहले इन राज्यों में जबरदस्त तबाही मचाई है। चारों ओर ताउते का जिक्र हाे रहा है। ऐसे में लोगों में यह जानने की उत्सुकता है कि आखिर इस तूफान का नाम तौकते कैसे पड़ा ?
अगर आपके मन में भी यह सवाल उठ रहा है ताे जान लीजिए कि राजस्थान में तबाही मचा चुके ( Cyclone Tauktae in rajasthan ) इस तूफान का नाम 'तौकते' म्यांमार ने रखा है। हिंदी में 'तौकते' का अर्थ तेज शोर करती छिपकली हाेता है। अब सवाल यह भी है कि मुम्बई में तबाही मचा रहे ( Cyclone Tauktae mumbai ) इस तूफान का नाम आखिर म्यांमार ने क्यों रखा ? इस सवाल पर विश्व प्रसिद्ध भूगोविद डाक्टर कंचन सिंह का कहना है कि चक्रवाती तूफानों के नाम के लिए विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने 13 देशों की एक नामकरण समिति बनाई है। ये ही 13 देश तूफानी चक्रवातों के नाम सुझाते हैं जिसके बाद आने वाले तूफान का नाम रखा जाता है।
इस बार म्यांमार द्वारा सुझाए गए चक्रवाती नाम की बारी थी। म्यामार ने तौकते ( Cyclone Tauktae 2021 ) नाम सुझाया था। जिसके चलते इस तूफान का नाम तौकते रखा गया। डॉक्टर कंचन सिंह ने बताया कि चक्रवातों का नामकरण विश्व मौसम विज्ञान संगठन के अलावा संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग एशिया और प्रशांत पैनल ऑन ट्रॉपिकल साइक्लोन द्वारा किया जाता है। इस पैनल में जो 13 देश शामिल हैं उनके नाम भारत के अलावा सऊदी अरब, म्यांमार, मालदीव, पाकिस्तान, श्रीलंका, ओमान, ईरान, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, बांग्लादेश, यमन और थाईलैंड हैं। ये 13 देश इस क्षेत्र के चक्रवातों को नाम देते हैं। डॉक्टर कंचन सिंह बताते हैं कि इन सभी देशों से 13 नाम लिए जाते हैं। पिछले साल मई में आया तूफान अम्फान उस सूची में अंतिम नाम था। निसारगा एक और चक्रवात जो पिछले साल अरब सागर में आया था ये ताजा सूची से पहला नाम था। इसका नाम बांग्लादेश ने रखा था। पिछले साल एक नई सूची जारी की गई थी जिसमें चक्रवातों के 169 नाम हैं। ये 13 देशों से 13-13 नामों का संकलन है।
उन्होंने बताया कि तूफानों के नाम वैज्ञानिक समुदाय समेत विशेषज्ञों और आपदा प्रबंधन की टीमों के साथ-साथ आम जनता को प्रत्येक चक्रवात की पहचान करने में मदद करता है। यदि क्षेत्र में एक साथ दो या दो से अधिक चक्रवात आ रहे हों तो इससे भ्रम दूर होता है। नामकरण के लिए सुझाए गए तूफानों के नाम छोटे, सरल और आसानी से समझे जाने वाले होने चाहिए। एक अन्य प्रमुख मानदंड यह है कि वे सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील नहीं होने चाहिए।