कई जिलों में सक्रमण की दर 50 फीसदी से अधिक, ब्राजील और कनाडा में पाया गया वायरस बरपा रहा कहर, इंग्लैड का स्ट्रेन हो चुका है बेअसर
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ ( meerut news ) एनसीआर क्षेत्र में विदेशी जीनोम सीक्वेंसिंग तबाही मचा रहा है। ऐसा हमारा नहीं बल्कि चिकित्सकों का मानना है। इस जीनोम सीक्वेंसिंग के चलते संक्रमण दर कई जिलों में 50 फीसदी से अधिक हो गई है। मेडिकल कालेज के डॉक्टर तुंगवीर सिंह आर्य का कहना है कि 2020 में आई कोरोना लहर की तुलना में इस बार पाए जा रहे संक्रमण के चलते खून में थक्का बनने, तेज निमोनिया होने, हार्टअटैक और लकवा के मामले ज्यादा मिल रहे हैं। डॉक्टर अमित गर्ग के अनुसार यह पिछले साल वाले स्ट्रेन नहीं था। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि एनसीआर में ब्राजील या कनाडा से वायरस पहुंच गया हो।
मेरठ सीएमओ डॉक्टर अखिलेश मोहन ने बताया कि तीन माह पहले इंग्लैंड का स्ट्रेन मेरठ में संक्रमित हुआ लेकिन वह पूरी तरह से बेअसर रहा था। इस बीच कोरोना संक्रमण Corona virus कम होने के बाद लोगों का बड़ी संख्या में दिल्ली व देश के दूसरे हिस्सों में आना-जाना शुरू हुआ। मार्च में जिले में एक लाख से ज्यादा सैंपलों की जांच की गई जिसमें संक्रमण की दर 0.4 फीसद मिली थी लेकिन अप्रैल में बढ़े केसों ने कोरोना के सभी रिकार्ड तोड़ दिए। 15 अप्रैल के बाद तो वायरस ने भयावह गति पकड़ ली। इस माह संक्रमण की दर 8.9 फीसद पहुंच गई जिससे चिकित्सा व्यवस्था भी जवाब दे रही है।
अप्रैल के अंतिम सप्ताह में कई बार संक्रमण की दर 40 फीसद भी पहुंच गई। मई के पहले सप्ताह में 22 फीसद से ज्यादा संक्रमण मिल रहा है। इस पर सीएमओ डॉक्टर अखिलेश मोहन का कहना है कि यह पहले वाला वायरस नहीं है। भारत में महाराष्ट्र व हैदराबाद में अलग स्ट्रेन मिले हैं। दिल्ली में भी ऊंची संक्रमण की दर म्यूटेटेड वायरस का प्रमाण है। इस लहर में बड़ी संख्या में युवा मरीजों की जान गई। जीनोम सीक्वेंसिंग की बेहद जरूरत है। गांवों में बड़ी संख्या में लोग संक्रमित हैं, जो टेस्ट नहीं कराते इसलिए भी बीमारी बढ़ी।