
Meerut Neela Drum Murder Case: मेरठ के ब्रह्मपुरी इलाके में हुए चर्चित 'नीला ड्रम हत्याकांड' को एक साल से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन इस घटना का डर आज भी लोगों के दिलों में बैठा हुआ है। जिस मकान के अंदर सौरभ की बेरहमी से हत्या करके उसकी लाश को एक नीले ड्रम में छिपाया गया था, उस मकान पर आज भी ताला लटका हुआ है। हालात यह हैं कि आस-पड़ोस के लोग उस गली से गुजरने में भी डरते हैं। इस बीच मामले में एक नया मोड़ आया है। करीब 13 महीने बाद इस केस के मुख्य आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया, जहां कई चौंकाने वाली बातें सामने आई।
जिस घर के अंदर इस खौफनाक हत्याकांड की स्क्रिप्ट लिखी गई, वहां आज भी सब कुछ वैसा ही पड़ा है जैसा उस रात को था। मकान के मेन गेट पर बड़ा सा ताला लटका है। घर के बरामदे में कपड़े सुखाने वाले स्टैंड पर एक साल से अधिक समय से कपड़े टंगे-टंगे सूख चुके हैं। वॉशिंग मशीन के पास बिखरे कपड़े और कोने में बच्चों की साइकिल खड़ी है। मकान मालिक इस घर को बेचना चाहते हैं लेकिन इस मर्डर केस की बदनामी के डर से कोई भी इस घर को खरीदने को तैयार नहीं है।
इस मामले की मुख्य आरोपी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को आखिरकार 21 अप्रैल 2026 को अदालत के सामने पेश किया गया। जब कोर्ट ने मुस्कान से इस घटना को लेकर सवाल पूछे, तो उसने लगभग हर सवाल का जवाब 'नहीं' में दिया। मुस्कान ने कहा कि उसने न तो कोई नीला ड्रम खरीदा था और न ही मेडिकल स्टोर से बेहोशी की दवा ली थी।
आपको बता दें कि इससे पहले 19 मार्च को जब आरोपी साहिल शुक्ला को पहली बार कोर्ट लाया गया था, तब गुस्से में आए वकीलों ने उसकी पिटाई कर दी थी। जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। इसी वजह से सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पिछले कई महीनों से दोनों की पेशी जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (कैमरे) के जरिए हो रही थी। अब लंबे समय बाद दोनों को कोर्ट लाया गया।
यह कहानी ब्रह्मपुरी की मास्टर कॉलोनी में रहने वाले 29 साल के सौरभ कुमार की है। सौरभ लंदन में नौकरी करता था और 24 फरवरी 2025 को ही भारत लौटा था। घर आने के बाद उसने 25 फरवरी को पत्नी मुस्कान का और 28 फरवरी को अपनी बेटी का जन्मदिन धूमधाम से मनाया। लेकिन इसके ठीक बाद, 3 मार्च 2025 की रात को उसकी हत्या कर दी गई। पत्नी मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर उसे मारने का प्लान बनाया और सौरभ के खाने में बेहोशी की दवा मिला दी। जब सौरभ बेहोश हो गया, तो दोनों ने मिलकर उसकी जान ले ली। इसके बाद पकड़े जाने के डर से शव के करीब 15 टुकड़े किए और उन्हें एक नीले प्लास्टिक के ड्रम में भरकर ऊपर से सीमेंट और मिट्टी से बंद कर दिया।