Meerut Police Encounter: यूपी के मेरठ में एनकाउंटर के दौरान इंस्पेक्टर के पीठ दिखाकर भागने पर बड़ी कार्रवाई हुई है। एसएसपी ने इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर कर दिया, जबकि थाना प्रभारी और दरोगा को लापरवाही और आर्थिक लाभ लेने के आरोप में सस्पेंड कर विभागीय जांच बैठा दी है।
Police encounter inspector suspended ssp action in meerut: मेरठ जिले में रविवार को हुई एनकाउंटर घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। भावनपुर थाने के इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह एनकाउंटर के दौरान ग्रामीणों की भीड़ देखकर पीठ दिखाकर भाग खड़े हुए। इस गंभीर लापरवाही के बाद एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया है और विभागीय जांच बैठा दी है।
एसएसपी ने इस मामले में सिर्फ इंस्पेक्टर पर ही नहीं बल्कि दो अन्य पुलिसकर्मियों पर भी बड़ी कार्रवाई की है। परीक्षितगढ़ थाना प्रभारी संजय द्विवेदी और फलावदा थाने के दरोगा योगेश गिरी को भी सस्पेंड कर दिया गया है। इन दोनों पर हत्या के प्रयास के मामले में विवेचना के दौरान लापरवाही बरतने और आर्थिक लाभ लेने के आरोप लगे थे। विभागीय जांच की जिम्मेदारी एसपी सिटी को सौंपी गई है।
यह पूरा मामला 82 हजार रुपये की लूट से जुड़ा है। 7 अगस्त को पंचगांव पट्टी-स्याल मार्ग पर तीन बदमाशों ने कलेक्शन एजेंट से नकदी लूट ली थी। इसके बाद मेरठ पुलिस ने हाईवे पर बदमाशों की घेराबंदी की। इस दौरान बदमाश प्रिंस निवासी भटीपुरा किठौर और उसके साथी अभिषेक व आकाश समेत एक बाल अपचारी पकड़े गए। पीछा करते समय बदमाशों की बाइक फिसल गई और पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।
पुलिस पीछा कर रही थी तभी बदमाश प्रिंस ने पुलिस पर फायर कर दिया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली प्रिंस के पैर में लगी। तभी गांव के लोग मौके पर जुट गए और अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह टीम के साथ मौके से भाग निकले। लेकिन एक कांस्टेबल ने साहस दिखाते हुए बदमाश को काबू में किया और भीड़ के बीच धक्का-मुक्की झेलते हुए डटा रहा।
घटना के बाद मेरठ पुलिस महकमे में बड़े पैमाने पर फेरबदल किए गए। किठौर से अपराध निरीक्षक जितेंद्र कुमार को कोतवाली की कमान सौंपी गई। वहीं अपराध शाखा इंस्पेक्टर विजय कुमार राय को परीक्षितगढ़ थाना प्रभारी बनाया गया। कोतवाली एसओ योगेंद्र कुमार को भावनपुर थाने की जिम्मेदारी दी गई है।