
नई दिल्ली। नए कृषि कानूनों के विरोध में जारी किसानों के प्रदर्शन ( protest against Agricultural laws )
के बीच सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ( Anna Hazare ) का बड़ा बयान सामने आया है। अन्ना हजारे ने केंद्र सरकार के खिलाफ अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है। इसके साथ ही अन्ना ने केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ( Union Agriculture Minister Narendra Singh Tomar ) को पत्र लिखकर किसानों की मांगे समेत एमएस स्वामीनाथन आयोग ( Swaminathan Commission ) की सिफारिशें लागू करने की मांग की। जबकि ऐसा करने में नाकाम होने पर अनशन पर बैठने की बात कही।
भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन कर चुके अन्ना हजारे
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने अपनी मांगों में कृषि लागत एवं दाम आयोग (सीएसीपी) को स्वायत्ता प्रदान करने की भी बात कही। आपको बता दें कि अन्ना हजारे भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन कर चुके हैं। इसके साथ ही वह पिछले साल फरवरी में महाराष्ट्र स्थित अहमदनगर के अपने गांव रालेगण सिद्धि में उपवास पर बैठ गए थे। हालांकि उस समय तत्कालीन केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों पर चर्चा के लिए एक समिति गठिन करने का लिखित आश्वासन दिया था।
केंद सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया
वहीं, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर को संबोधित पत्र में अन्ना हजारे ने लिखा कि केन्द्र सरकार ने मांगों को लेकर समिति की रिपोर्ट के आधार पर उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया था। अब चूंकि आश्वासन की तय तिथि तक केंद सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया, इसलिए वह फिर से अनशन पर बैठने पर विचार कर रहे हैं।
किसान भी अपनी मांगों पर अडिग
आपको बता दें कि कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार और किसानों के बीच जारी गतिरोध का कोई हल निकलता नजर नहीं आ रहा है। सरकार ने जहां कानूनों को वापस लेने से साफ इनकार कर दिया है, वहीं किसान भी अपनी मांगों पर अडिग हैं।