
नई दिल्ली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ( AIIMS ) कोरोना वायरस संक्रमण ( Coronavirus Infection ) का एक 'हॉटस्पॉट' बन गया है। यहां 479 लोगों को कोरोना पॉजिटिव ( Corona positive ) पाया गया है, जिनमें कर्मचारी और उनके संबंधी शामिल हैं।
एक सूत्र ने आईएएनएस को बताया कि 30 मई को कुल 479 लोग कोरोना पॉजिटिव ( Corona positive ) पाए गए।
सूत्र ने कहा, इनमें दो फैकल्टी मेंबर, 17 रेजिडेंट डॉक्टर, 38 नर्सिग स्टाफ, 74 सुरक्षा कर्मचारी और 54 स्वच्छता कर्मचारी शामिल हैं।
इनमें 14 लैब, एक्स-रे और अन्य तकनीकी कर्मचारी भी शामिल हैं, जबकि अन्य आश्रित यानी जो अस्पताल के कर्मचारियों के परिवार या उनसे संबंधित लोग हैं, उनकी संख्या 193 है।
सूत्र ने यह भी बताया कि एम्स ने अपना परीक्षण बढ़ा दिया है। सूत्र ने कहा. एम्स ने अब वाडरें में प्रवेश से पहले और ओटी से पहले अधिकांश रोगियों का परीक्षण शुरू कर दिया है।
एक नया रैपिड परीक्षण, जिसे सीबीएनएएटी कहा जाता है और जो दो घंटे में परिणाम देता है, अब एम्स में उपलब्ध है।
इससे अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मचारियों के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। पिछले महीने और इससे पहले बहुत कम रोगियों को लक्षणों के साथ परीक्षण किया गया है। वाडरें में कई रोगियों को लक्षणों को देखते हुए पॉजिटिव पाया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षण के लिए नई मशीन आपातकालीन विभाग के लिए भी उपलब्ध है, ताकि आपातकालीन रोगियों का परीक्षण किया जा सके।
सूत्र ने कहा कि इस बात की बहुत संभावना है कि यह संख्या इसलिए है, क्योंकि एम्स के पास अपने कर्मचारियों के लिए संसाधन और देखभाल के संसाधन है और इसके परीक्षण को बढ़ाने में भी यह सक्षम है।
सूत्र ने यह भी कहा कि विभिन्न प्रकार के मास्क भी उपलब्ध कराए जाने चाहिए। एम्स में 25 मई को ओपीडी में तैनात एक वरिष्ठ स्वच्छता पर्यवेक्षक राजकुमारी अमृत कौर की कोविड-19 से मृत्यु हो गई थी।
इसके अलावा 22 मई को इस बीमारी के कारण एम्स की एक रसोई में काम करने वाले (मेस वर्कर) की भी जान चली गई थी।