दिल्ली विधानसभा के न्यूनतम वेतन विधेयक संशोधन विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है।
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने नौकरी करने वालों को एक शानदार तोहफा दिया है। हालांकि यह फैसला उन कारोबारियों के लिए मुसीबत बन गया है जो कर्मचारियों को तय न्यूनतम वेतन नहीं देते हैं। दिल्ली विधानसभा के न्यूनतम वेतन विधेयक संशोधन विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है। अब तयशुदा न्यूनतम वेतन से कम देने वाले कारोबारियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
40 गुना हुआ जुर्माना, सजा भी छह गुनी
अपने कर्मचारियों को तय न्यूनतम वेतन से कम भुगतान करने वाले कारोबारियों को सबक सिखाने के लिए सजा का प्रावधान भी किया गया है। दोषी कारोबारियों को 20 हजार रुपए का जुर्माना और तीन साल तक की जेल होगी। इससे पहले केवल 500 रुपए का जुर्माना और छह महीने तक की सजा का प्रावधान था।
जरूरी है कम से कम इतना वेतन देना
नए कानून के लागू होने के साथ ही दिल्ली में अलग-अलग योग्यता और दक्षता के हिसाब से न्यूनतम वेतन तय हो गया है। सबसे कम वेतन 13,896 रुपए हर महीने के लिए तय है। ये नई दरें 25 फरवरी 2017 को लागू की गई थीं।
- अकुशल कर्मचारी को 13,896 रुपए मासिक
- अर्धकुशल या दसवीं फेल कर्मचारी को 15,296 रुपए मासिक
- कुशल या दसवीं पास कर्मचारी को 16,858 रुपये मासिक
- ग्रेजुएट या इससे अधिक पढ़े-लिखे कर्मचारी को 18,332 रुपये
केजरीवाल ने दिया आश्वासन
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि लंबे समय बाद इस विधेयक को मंजूरी मिली है। अब तय न्यूनतम वेतन से कम भुगतान करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। आपको बता दें कि जिस न्यूनतम वेतन विधेयक में संशोधन किया गया है उसे अगस्त 2017 में बनाया गया था। तभी दिल्ली सरकार ने कहा था कि न्यूनतम वेतन ना देने वालों पर सख्त कार्रवाई के प्रावधान जरूरी हैं।
पीएम मोदी की विदेश यात्राओं का होगा हिसाब! सूचना आयोग ने एयर इंडिया से मांगी अहम जानकारी