
नई दिल्ली। निजामुद्दीन मरकज (Nizzamuddin Markaz) केस को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ( Home Ministry) ने कहा है कि इस केस में सीबीआई ( CBI ) जांच की जरूरत नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में दाखिल अपने हलफनामें में गृह मंत्रालय ने आगे कहा कहा कि जामुद्दीन मामले की जांच कानून के अनुसार रोजाना की जा रही है।
इसके साथ ही निर्धारित समय सीमा के भीतर ही रिपोर्ट पेश करने का प्रयास भी जारी है।
इसके साथ ही गृह मंत्रालय ने इस मामले में दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की नाकामी के दावे को भी सिरे से खारिज कर दिया।
वहीं, गृह मंत्रालय ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए तबलीगी जमात के 2,550 विदेशी सदस्यों को काली सूची में डाल दिया है।
आरोप है कि इन लोगों न केवल वीजा नियमों का उल्लंघन किया, बल्कि कोरोना वायरस और लॉकडाउन के दौरान भी भारत में रहे।
गृह मंत्रालय ने इन सभी के भारत में प्रवेश पर 10 साल का प्रतिबंध लगा दिया है। आपको बता दें कि निजामुद्दीन मरकज मामले में दिल्ली पुलिस लगातार आरोप पत्र दाखिल कर रही है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार इस केस में आरोपी 900 से ज्यादा विदेशी नागरिक 34 देशों से संबंध रखते हैं। इन सभी पर टूरिस्ट वीजा के नाम पर भारत में धार्मिक गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप है।
इसके साथ ही इन्होंने केंद्र सरकार को भी गलत जानकारी दी है। गौरतलब है कि तबलीगी जमात कार्यक्रम में हिस्सा लेने चीन, सऊदी अरब, ब्राजील, रूस, फ्रांस, अमेरिका, फिलीपींस, मोरक्को, ऑस्ट्रेलिया, जॉर्डन, अफगानिस्तान, इजिप्ट, मलेशिया, मोरक्को, ऑस्ट्रेलिया और के नागरिक भारत आए थे।