
नई दिल्ली। भारत चीन के बीच ( India China Tension ) पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी ( Galwan Valley ) में हुई हिंसक झड़प के बाद से ही तनाव की स्थिति बनी हुई है। भारत लगातार इस क्षेत्र ना सिर्फ अपनी चौकसी बढ़ा रहा है बल्कि चीन को सबक सिखाने के लिए तैयारी भी कर रहा है। चीनी सैनिकों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए भारतीय सेना ( Indian Army ) हथियारों की जखीरा तो बढ़ा ही रहा है साथ ही चीन की सीमा से लगे इलाकों में संचार सेवाओं को मजबूत करने के लिए भी तैयारी कर ली गई है।
चीन को सबक सिखाने के लिए अब पूर्वी लद्दाख में 134 सैटेलाइट फोन टर्मिनल लगाए जा रहे हैं। इन टर्मिनलों के बहाल होते ही LAC में संचार व्यवस्था काफी मजबूत हो जाएगी।
भारत और चीन के बीच तनाव को कम करने के लिए लगातार बातचीत का दौर जारी है हालांकि अब तक कोई खास नतीजा निकलकर सामने नहीं आया है। इस बीच भारतीय सेना लगातार सीमा क्षेत्रों में अपनी ताकत बढ़ाने में जुटी है।
अब लद्दाख से सटे सभी गांवों में संचार सविधा को मजबूत करने के लिए नया प्लान तैयार किया गया है। इस प्लान के मुताबिक लद्दाख में 134 डिजिटल सैटेलाइट फोन टर्मिनल स्थापित किए जाएंगे।
इससे इन इलाकों में होने वाली चीनी गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा सके। लद्दाख के एग्जिक्यूटिव काउंसलर कुनचोक स्टांजी ने बताया कि पिछले 8 साल से यहां पर मोबाइल टावर लगाए जाने की कोशिश जारी है।
लद्दाख में 24 टावर की मंजूरी
लद्दाख से सटे 57 गांवों में संचार सेवाओं को जल्द ही मजबूत किया जाएगा। स्टांजी ने बताया कि लद्दाख में 24 टावर को लगाने की अनुमति मिल चुकी है जबकि 25 और मोबाइल टावर की जरूरत है।
336.89 करोड़ का खर्च
कनेक्टिविटी की इस योजना के क्रियान्वयन के लिए सरकार ने 336.89 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया है। इसमें पूरे जम्मू कश्मीर और लद्दाख की कनेक्टिविटी की जायेगी। इसके तहत सिर्फ लद्दाख में 57.4 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे।
इन इलाकों में होगी कनेक्टिविटी
लद्दाख के जिन इलाकों में सैटेलाइट फोन कनेक्शन की सुविधा मिलेगी, उसमें गलवान घाटी, दौलत बेग ओल्डी, हॉट स्प्रिंग्स, चुशूल शामिल है। बता दें कि ये सभी इलाके वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) से सटे हैं।