
नई दिल्ली। वामपंथी संगठनों से जुड़ी 10 ट्रेड यूनियनों ने मोदी सरकार के खिलाफ मंगलवार से दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। ट्रेड यूनियनों ने इस दौरान ट्रेन समेत सड़क परिवहन की सेवाओं को बंद रखने का ऐलान किया है। जिससके आम जनजीवन प्रभावित रहने की आशंका है।
ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ इस हड़ताल में किसानों और बैंक कर्मचारियों के भी शामिल होने की संभावना जताई है। संगठन के पदाधिकारियों ने ट्रेड यूनियन कानून 1926 में संशोधन का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि सरकार कथित पारदर्शिता के नाम पर मनमर्जी कर रही है, जिससे बंधुआ मजदूरों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो जाएगा।
वहीं, वेस्ट बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा है कि ट्रेड यूनियनों की हड़ताल बिल्कुल बेअसर रहेगी। इससे आम जनजीवन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। आपको बता दें कि 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने ने मोदी सरकार की ‘जन-विरोधी’ नीतियों के खिलाफ 48 घंटे के राष्ट्रव्यापी बंद का आह्वान किया है। एटक की महासचिव अमरजीत कौर के अनुसार केंद्र सरकार देश में रोजगार पैदा करने में पूरी तरह से असफल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि श्रमिक संगठनों ने सरकार के सामने 12 सूत्रीय मांग रखी थी, जिसको अनदेखा कर दिया गया। सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि वह इस पर कुछ बोलना नहीं चाहती। इस दौरान उन्होंने किसी भी बंद का समर्थन नहीं देने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अब बहुत हो गया है, पिछले 34 सालों में वाम मोर्चे के बंद ने राज्य को बर्बाद कर दिया।