
नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को वरिष्ठ नौकरशाह बीके बंसल की 2016 में कथित खुदकुशी मामले की अदालत की निगरानी में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की मांग वाली याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया। प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने पूर्व नौकरशाह ईएएस सरमा की एक जनहित याचिका पर केंद्र से जवाब दाखिल करने को कहा है। गौरतलब है कि मौत के वक्त बंसल जमानत पर थे। वहीं एक रिश्वतखोरी के मामले में उनकी गिरफ्तारी के बाद ही उनकी बेटी और पत्नी ने खुदकुशी कर ली थी।
2016 में की थी खुदकुशी
वरिष्ठ वकील कॉलिन गोंसालवेस ने सरमा की तरफ से पेश होते हुए अदालत से मामले में न्यायालय की निगरानी में जांच का निवेदन किया, क्योंकि आरोप सीबीआई के खिलाफ हैं। कॉर्पोरेट मामलों के पूर्व महानिदेशक बंसल भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई जांच का सामना कर रहे थे। बंसल और उनके बेटे ने कथित तौर पर पूर्वी दिल्ली के अपने आवास में 27 सितंबर 2016 को खुदकुशी कर ली थी। संदिग्ध परिस्थितियों में हुई इस खुदकुशी को लेकर कई तरह के सवाल उठे थे।
बेटी-पत्नी पहले ही कर चुकी थी खुदकुशी
बंसल ने एक सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें सीबीआई द्वारा उत्पीड़न की बात कही गई थी। बंसल की पत्नी और बेटी ने जुलाई 2016 में पूर्वी दिल्ली के मधु विहार के नीलकंठ अपार्टमेंट में बंसल की गिरफ्तारी के बाद खुदकुशी कर ली थी। बंसल ने जमानत पर रहने के दौरान खुदकुशी की। सीबीआई ने बंसल को 16 जुलाई को कथित तौर पर फार्मास्यूटिकल कंपनी से रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था।