राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली ( National Capital Delhi ) समेत समूचे उत्तर भारत में मानसून ( Monsoon in India ) छाया हुआ है यही वजह है कि उत्तर भारत के राज्यों में लगातार मानूसनी बारिश ( Monsoon Rain in North India ) हो रही रही है।
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली ( National Capital Delhi ) समेत समूचे उत्तर भारत में मानसून ( Monsoon in India ) छाया हुआ है। यही वजह है कि उत्तर भारत के राज्यों में लगातार मानूसनी बारिश ( Monsoon Rain in North India ) हो रही रही है। रविवार को दिल्ली में मौसम ( Weather in Delhi ) ने एक बार फिर करवट ली। राजधानी के कई इलाकों में रविवार को झमाझम बारिश ( Heavy Rain In Delhi ) हुई, जिससे दिल्लीवासियों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। गर्मी से परेशान कुछ लोगों ने बारिश में भीगकर मौसम ( Delhi Weather ) का लुत्फ उठाया तो कई जगहों पर लोग अपने-अपने घरों में दुबके नजर आए। मौसम विभाग ( IMD ) के अनुसार बारिश के बाद दिल्ली के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही ठंडी हवाओं ने लोगों को शीतलता का अहसास कराया। आपको बता दें कि भारतीय मौसम विभाग ( IMD ) ने 31 जुलाई तक हल्की व मध्यम बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने दिल्ली के इंदरापुरम, शाहदरा, लोनी और आस-पास के इलाकों में अगले कुछ घंटों में बारिश का अनुमान लगाया है।
दिल्ली व उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश
गौरतलब है कि मौसम विभाग (IMD) ने 26 जुलाई को राजधानी दिल्ली व उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश होने की संभावन जताई थी। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के Bahraich, Moradabad, Basti, Gonda, Barabanki और Bijnor से लगे इलाकों में अगले कुछ घंटों के भीतर गरज के साथ बारिश होने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने Uttar Pradesh, Haryana, Punjab, Madhya Pradesh समेत उत्तरी राज्यों में बारिश का पूर्वानुमान लगाया है।
असम समेत पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में बाढ़
आपको बता दें कि देश भर में मानूसन पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। उत्तर भारत में जहां रह-रह कर मानूसनी बारिश हो रही है, वहीं बिहार व असम समेत पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में भारी बारिश की वजह से बाढ़ का संकट खड़ा हो गया है। असम में जहां ब्रह्मपुत्र व इसकी सहायक नदियां लगातार खतरे के निशान से उपर बह रही हैं, वहीं बिहार में कोसी व गंडक नदियों में उफान की स्थिति है। आलम यह है कि असम में बाढ़ की वजह से सौ से अधिक लोग अपनी जान गवां चुके हैं। यहां बाढ़ का सबसे ज्यादा प्रभाव काजीरंगा नेशनल पार्क में देखने को मिला है। यहां जानवर बाढ़ का दंश झेल रहे हैं। कई जानवरों की मौत हो चुकी है, जबकि कईयों को बचाया गया है।