हज यात्रियों की सुविधा के लिए इस बार होगा हाईटेक तकनीक का इस्तेमाल। बीस लाख से ज्यादा हरयात्रियों के मक्का पहुंचने की संभावना है।
इस माह के अंत में हज यात्रा शुरू होगी। इस दौरान हेने वाली आपदाओं को रोकने के लिए और हज यात्रियों की सुविधा के लिए इस बार हाईटेक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए सऊदी फेडरेशन फॉर साइबर सिक्योरिटी एंड प्रोग्रामिंग ने हैकाथॉन का आयोजन किया। इसमें तीन हजार से ज्यादा सॉफ्टवेयर प्रोग्रामर एक साथ जुटे। जेद्दाह के कैवर्नस हॉल में हुए इस आयोजन में सॉफ्टवेयर पेशेवरों के साथ छात्र भी शामिल हुए। इस बड़े आयोजन ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी जगह बनाई है।
आयोजकों के अनुसार इसमें तीन हजार से ज्यादा सॉफ्टवेयर प्रोग्रामर एक साथ जुटे थे। हैकाथॉन इस शुक्रवार को समाप्त हो गया, हालांकि इसके परिणामों का विश्लेषण अभी किया जाना है। संस्था के मुख्य कार्यकारी नौफ-अल रकान के अनुसार- हमारा उद्देश्य हज यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाना है। उन्होंने बताया कि हैकाथॉन की इनामी राशि 5 लाख 33 हजार डॉलर है। जानकारी के अनुसार- इस बार बीस हजार से ज्यादा लोग मक्का पहुंचेंगे।
बता दें कि केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और भारतीय हज कमेटी ने इस साल की हजयात्रा के लिए फ्लाइट बुकिंग की ऑनलाइन पुष्टि की सुविधा शुरू की है। इससे दूरदराज रहने वाले हजारों लोगों सहूलियत होगी। इससे ग्रामीण इलाकों के लोगों को यात्रा की तारीख को लेकर भी किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
हज समिति के मुख्य आधिकारी मकसूर अहमद खान के अनुसार- हज यात्रा के लिए जाने वाले घर बैठे फ्लाइट बुकिंग की ऑनलाइन पुष्टि कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि- हज पर जाने वाले लोग कमेटी की वेबसाइट से फ्लाइट बुकिंग की पुष्टि कर सकेंगे और अन्य जानकारियां भी ले सकेंगे।