बीते साल गर्मी के महीनों में ही एक अमरीकी फाइनेंसर ने प्रस्ताव दिया था कि उत्तर कोरियाई सरकार ट्रंप के दामाद कुशनर से मिलना चाहती है।
वॉशिंगटन। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग के बीच वार्ता का मुख्य सूत्राधार कोई और ही था। इसका श्रेय अब ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर को दिया जा रहा है। 12 जून 2018, यानी जिस दिन अमेरिकी राष्ट्रपति और नॉर्थ कोरिया के तानाशाह की मुलाकात हुई तो दुनियाभर में इसे ऐतिहासिक वार्ता करार दिया गया। हालांकि यह माना जा रहा था कि दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जेई, ट्रंप और चीन ने इस मुलाकात को संभव करवाने में अहम भूमिका निभाई हैै। लेकिन न्यू यॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते साल गर्मी के महीनों में ही एक अमरीकी फाइनेंसर ने ट्रंप प्रशासन को बेहद असामान्य प्रस्ताव दिया। प्रस्ताव यह था कि उत्तर कोरियाई सरकार राष्ट्रपति के दामाद जेरेड कुशनर से मिलना चाहती है।
पीछे के दरवाजे की तलाश की
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार,उत्तर कोरिया के शीर्ष अधिकारी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग के बीच वार्ता की संभावनाओं का पता करने के लिए पीछे के दरवाजे की तलाश कर रहे थे। उनके लिए कुशनर ही राष्ट्रपति तक पहुंचने का सही जरिया था। राष्ट्रपति के परिवार का सदस्य होने की वजह से, प्योंगयांग के अधिकारियों का मानना था कि कुशनर अपने ससुर तक सारी बातें पहुंचाने का सबसे सटीक रास्ता हैं।
सीधे भूमिका में नहीं आए कुशनर
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उत्तर कोरियाई प्रशासन को लग रहा था कि इवांका ट्रंप के पति और 37 वर्षीय कुशनर ही वह शख्स हैं जो डॉनल्ड ट्रंप तक पहुंचने का रास्ता हैं। सीधे भूमिका में नहीं आए कुशनर ने पर्दे के पीछे उत्तर कोरियाई अधिकारियों संग चल रही बातचीत के दौरान भी सीधी भूमिका नहीं निभाई। इसकी बजाय उन्होंने तत्कालीन सीआईए डायरेक्टर माइक पॉम्पिओ को अपनी तरफ किया और वार्ता बढ़ाने की पहल की।