
Aunjaneya Kumar Singh Extension: मुरादाबाद मंडल के मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह की प्रतिनियुक्ति अवधि शुक्रवार को पूरी हो गई। प्रतिनियुक्ति अवधि बढ़ाए जाने से संबंधित आदेश अभी तक जारी नहीं हुआ है। इसी बीच आंजनेय कुमार सिंह अवकाश पर चले गए हैं। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर उनकी प्रतिनियुक्ति को आगे बढ़ाए जाने की संभावना जताई जा रही है। यदि केंद्र सरकार से विस्तार को मंजूरी मिलती है तो वह एक बार फिर मुरादाबाद मंडलायुक्त के पद की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।
आंजनेय कुमार सिंह की प्रतिनियुक्ति पूरी होने के बाद फिलहाल उनकी अगली प्रशासनिक भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार प्रतिनियुक्ति अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव उच्च स्तर पर भेजा जा चुका है। अब संबंधित आदेश जारी होने का इंतजार किया जा रहा है। इसी वजह से वर्तमान में उनके अवकाश पर जाने को प्रतिनियुक्ति विस्तार के आदेश से जोड़कर देखा जा रहा है।
प्रतिनियुक्ति विस्तार को लेकर अंतिम स्थिति केंद्र सरकार की ओर से आदेश जारी होने के बाद ही साफ होगी। फिलहाल कोई आधिकारिक आदेश सामने नहीं आया है। ऐसे में आंजनेय कुमार सिंह आगे मुरादाबाद मंडलायुक्त के पद पर बने रहेंगे या नहीं, इस पर अभी अंतिम रूप से कुछ कहना संभव नहीं है।
आंजनेय कुमार सिंह की प्रतिनियुक्ति अवधि समाप्त होने के बाद छुट्टी पर जाने की स्थिति पहले भी सामने आ चुकी है। पिछली बार भी प्रतिनियुक्ति की अवधि पूरी होने के समय विस्तार का आदेश तत्काल जारी नहीं हुआ था। उस दौरान उन्होंने अवकाश लिया था और बाद में प्रतिनियुक्ति अवधि बढ़ाए जाने का आदेश जारी होने के बाद दोबारा अपनी जिम्मेदारी संभाल ली थी।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक इस बार भी प्रतिनियुक्ति विस्तार की प्रक्रिया उच्च स्तर पर चल रही है। बताया जा रहा है कि प्रस्ताव अनुमोदन के लिए भेजा जा चुका है। हालांकि जब तक संबंधित स्तर से औपचारिक आदेश जारी नहीं होता, तब तक उनके कार्यकाल को लेकर स्थिति को अंतिम नहीं माना जा सकता।
आंजनेय कुमार सिंह 2005 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी IAS अधिकारी हैं और सिक्किम कैडर से संबंधित हैं। उन्हें 15 फरवरी 2015 को उत्तर प्रदेश में प्रतिनियुक्ति पर तैनाती मिली थी। इसके बाद उन्होंने प्रदेश में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालीं और विभिन्न पदों पर काम किया।
उत्तर प्रदेश में तैनाती के दौरान आंजनेय कुमार सिंह का रामपुर के जिलाधिकारी के रूप में कार्यकाल विशेष रूप से चर्चा में रहा। उनके कार्यकाल में पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान से जुड़े मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई भी हुई थी। रामपुर में जिलाधिकारी रहते हुए उनके द्वारा की गई विभिन्न प्रशासनिक कार्रवाइयों के कारण उनका नाम प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी में प्रमुखता से सामने आया।
सचिव पद पर पदोन्नति के बाद आंजनेय कुमार सिंह को मुरादाबाद मंडल का मंडलायुक्त बनाया गया। मंडलायुक्त के तौर पर उनके अधिकार क्षेत्र में मुरादाबाद के साथ रामपुर, संभल, अमरोहा और बिजनौर जिले आते हैं। इस पद पर रहते हुए उन्हें मंडल के प्रशासनिक, विकास और अन्य महत्वपूर्ण मामलों की निगरानी की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी।
आंजनेय कुमार सिंह करीब साढ़े पांच वर्षों से मुरादाबाद मंडलायुक्त की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इतने लंबे समय तक एक ही मंडल में मंडलायुक्त के पद पर बने रहना प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने मंडल के अलग-अलग जिलों में विकास कार्यों और प्रशासनिक गतिविधियों की निगरानी की है।
मुरादाबाद मंडल में पांच जिले शामिल हैं और मंडलायुक्त के तौर पर इन सभी जिलों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रशासनिक मामलों पर उनकी निगरानी रहती है। ऐसे में उनकी प्रतिनियुक्ति के विस्तार का फैसला केवल मुरादाबाद ही नहीं, बल्कि पूरे मंडल की प्रशासनिक व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रतिनियुक्ति अवधि पूरी होने के बाद आंजनेय कुमार सिंह के अवकाश पर जाने से उनके अगले कदम को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। प्रशासनिक हलकों में अब केंद्र सरकार के आदेश का इंतजार किया जा रहा है। हालांकि विस्तार की संभावना बताई जा रही है, लेकिन आधिकारिक आदेश आने तक इसे अंतिम निर्णय नहीं माना जा सकता।
यदि केंद्र सरकार की ओर से प्रतिनियुक्ति अवधि बढ़ाने को मंजूरी मिलती है तो आंजनेय कुमार सिंह के मुरादाबाद मंडलायुक्त के पद पर बने रहने का रास्ता साफ हो सकता है। ऐसी स्थिति में अवकाश के बाद वह दोबारा अपनी जिम्मेदारी संभाल सकते हैं और मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था आगे भी जारी रह सकती है।
फिलहाल पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी प्रतिनियुक्ति विस्तार का आधिकारिक आदेश है। आदेश जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आंजनेय कुमार सिंह का कार्यकाल कितने समय के लिए बढ़ाया गया है और वह आगे मुरादाबाद मंडलायुक्त के पद पर जिम्मेदारी संभालेंगे या नहीं।