
Moradabad News: मुरादाबाद में समाजवादी पार्टी की अंदरूनी सियासत एक बार फिर चर्चा में है। पूर्व सांसद एसटी हसन की अध्यक्षता वाली कमेटी के जलसा-ए-आम के निमंत्रण पत्र में मौजूदा सपा सांसद रुचि वीरा का नाम नहीं है। वहीं भाजपा एमएलसी डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त को मुख्य अतिथि बनाया गया है। इसे लेकर रुचि वीरा के समर्थकों ने नाराजगी जताई है। हालांकि आयोजकों का कहना है कि यह कार्यक्रम सपा का नहीं है और इसमें सभी धर्मों के लोगों को शामिल किया जाता है। मामला पुराने टिकट विवाद के बाद फिर चर्चा में आया है।
अजीमुश्शान जलसा-ए-आम का आयोजन खुद्दामे गुलामाने ताजदारे मदीना कमेटी की ओर से किया जा रहा है। कमेटी के अध्यक्ष पूर्व सपा सांसद एसटी हसन हैं। कार्यक्रम में भाजपा एमएलसी जयपाल सिंह व्यस्त, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद मोहन गुप्ता और अमीरुल हसन जाफरी को मुख्य अतिथि बनाया गया है।
निमंत्रण पत्र में मौजूदा सपा सांसद रुचि वीरा का नाम नहीं होने से उनके समर्थकों ने सवाल उठाए हैं। राजनीतिक नजरिए से देखा जाए तो एसटी हसन और रुचि वीरा दोनों ही मुरादाबाद की सपा सियासत के प्रमुख चेहरे हैं। ऐसे में किसी बड़े सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रम में मौजूदा सांसद को जगह नहीं मिलना चर्चा का विषय बन गया है।
रुचि वीरा समर्थक वदूद खां ने कहा कि सपा सांसद को भी कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना चाहिए था। उनका कहना है कि निमंत्रण पत्र पर भी सांसद का नाम होना चाहिए था। दूसरी ओर आयोजकों का कहना है कि यह कार्यक्रम समाजवादी पार्टी की ओर से नहीं कराया जा रहा है। खुद्दामे गुलामाने ताजदारे मदीना कमेटी के महासचिव सलीम वारसी के अनुसार, इस कार्यक्रम में कई साल से आपसी सौहार्द्र की मिसाल पेश की जाती रही है। उनके मुताबिक मंच पर अलग-अलग धर्मों के लोग शामिल होते हैं।
एसटी हसन की बेटी की शादी के दौरान भी निमंत्रण को लेकर मामला चर्चा में आया था। उस समय शादी में भाजपा नेताओं को बुलाए जाने की बात सामने आई थी। अब जलसे में भाजपा एमएलसी को मुख्य अतिथि बनाए जाने के बाद पुराने मामले का भी जिक्र होने लगा है। हालांकि आयोजकों का कहना है कि जलसा किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं है। उनका दावा है कि इसमें लंबे समय से सभी वर्गों और धर्मों के लोगों को साथ लेकर कार्यक्रम किया जाता रहा है।
एसटी हसन और रुचि वीरा के बीच राजनीतिक खींचतान की चर्चा नई नहीं है। पिछले लोकसभा चुनाव के समय दोनों के बीच टिकट को लेकर स्थिति काफी गर्म हो गई थी। समाजवादी पार्टी ने पहले मौजूदा सांसद एसटी हसन को प्रत्याशी बनाया था, लेकिन चुनाव से ठीक पहले उनका टिकट काटकर रुचि वीरा को उम्मीदवार बना दिया गया था। टिकट कटने के बाद एसटी हसन ने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की थी। इसके बाद से ही दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच दूरी और गुटबाजी की चर्चा लगातार होती रही है।