
Shivpal Yadav on Sambhal Riot Report: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने संभल दंगा रिपोर्ट को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि इस रिपोर्ट को समाजवादी पार्टी के नेताओं को फंसाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शिवपाल यादव ने कहा कि रिपोर्ट सही नहीं है और सपा नेताओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा है।
शिवपाल यादव ने कहा कि अगर आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो सपा नेताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने की कार्रवाई की जाएगी। उनके इस बयान को आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति और सियासी संदेश से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी 2027 में सरकार बनाएगी।
शिवपाल यादव ने राजनीतिक गठजोड़ को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का बसपा से कोई मतलब नहीं है और पार्टी कांग्रेस के साथ है। उनके इस बयान से उत्तर प्रदेश की आगामी सियासत में सपा की प्राथमिकताओं को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश दिखाई देती है।
शिवपाल यादव ने बताया कि वह आजम खान के परिवार से मिलने के लिए कल जाएंगे। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पूरी तरह जौहर यूनिवर्सिटी के साथ खड़ी है। उनका यह बयान आजम खान और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मुद्दों पर पार्टी के समर्थन को सामने रखता है।
शिवपाल यादव ने जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर भी समाजवादी पार्टी का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि पूरी सपा जौहर यूनिवर्सिटी के साथ है। इससे संकेत मिलता है कि पार्टी इस मुद्दे को लेकर अपने नेताओं और समर्थकों के बीच एकजुटता का संदेश देना चाहती है।
शिवपाल यादव ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि 2027 में समाजवादी पार्टी सरकार बनाएगी। उनके बयान में संभल रिपोर्ट, पार्टी नेताओं पर दर्ज मुकदमों, कांग्रेस के साथ राजनीतिक संबंध और जौहर यूनिवर्सिटी जैसे मुद्दों को लेकर सपा की आगे की राजनीतिक दिशा की झलक दिखाई दी।
शिवपाल यादव के इन बयानों के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में संभल दंगा रिपोर्ट और सपा नेताओं से जुड़े मुकदमों का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। खास तौर पर 2027 में सरकार बनाने और सत्ता में आने के बाद मुकदमों को वापस लेने के बयान ने सियासी बहस को और तेज कर दिया है।