
मुंबई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को अपनी नई टीम की घोषणा की, जिसमें राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को महासचिव बनाया गया है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह की ओर से जारी सूची के अनुसार नवीन ने वसुंधरा राजे सिंधिया सहित 13 लोगों को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को पार्टी का कोषाध्यक्ष बनाया गया है।
नवीन ने अनिल बलूनी पर विश्वास जताते हुए उन्हें फिर से मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी है और बीएल संतोष को राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बनाए रखा गया है। इस टीम में महाराष्ट्र के दिग्गज नेताओं को भी जगह दी गई है। इसमें डॉ. भारती प्रवीण पवार को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, विनोद तावड़े को राष्ट्रीय महामंत्री और पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल का जन्म 13 जून 1964 को महाराष्ट्र के मुंबई में हुआ था। उनका परिवार लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा से जुड़ा रहा है। उनके पिता वेद प्रकाश गोयल भाजपा से जुड़े थे और अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। उनकी माता चंद्रकांता गोयल 1990 से 2004 तक विधायक रहीं। पीयूष गोयल पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से भी काफी प्रभावित रहे हैं। उन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की। उनकी स्कूली शिक्षा माटुंगा के डॉन बॉस्को हाई स्कूल से हुई।
गोयल ने अपने करियर की शुरुआत निवेश बैंकर के रूप में की थी। उन्होंने 2001 से 2004 तक भारतीय स्टेट बैंक और 2002 से 2004 तक बैंक ऑफ बड़ौदा के बोर्ड में काम किया। इसके अलावा वे वित्त संबंधी स्थायी समिति और रक्षा मंत्रालय की सलाहकार समिति के सदस्य भी रहे। पीयूष गोयल पहली बार 2010 में राज्यसभा के सदस्य बने। 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनने के बाद उन्हें स्वतंत्र प्रभार का राज्य मंत्री बनाया गया। वे 2014 से 2019 तक कोयला मंत्रालय में भी रहे। 2017 में उन्हें रेल मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई। उनके कार्यकाल में रेलवे में कई बड़े बदलाव किए गए। गोयल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के करीबी नेताओं में माना जाता है।
महाराष्ट्र के रहने वाले विनोद तावड़े का जन्म 20 जुलाई 1964 को मुंबई के गिरगांव इलाके में एक मराठी परिवार में हुआ था। उन्होंने पार्ले कॉलेज से पढ़ाई की। तावड़े ने छात्र जीवन से ही संगठन में काम करना शुरू किया और आगे चलकर भाजपा में अपनी पहचान बनाई। 1995 में उन्हें पहली बार भाजपा के महाराष्ट्र महासचिव की जिम्मेदारी मिली। संगठन में उनकी सक्रियता और काम करने की क्षमता को देखते हुए 2002 में पार्टी ने उन्हें फिर यह जिम्मेदारी सौंपी। इससे पहले 1999 में उन्हें मुंबई महानगर इकाई का अध्यक्ष बनाया गया था। बताया जाता है कि इस पद पर नियुक्त होने वाले वे सबसे कम उम्र के नेताओं में शामिल थे।
2014 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा ने विनोद तावड़े को बोरीवली विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा। उन्होंने जीत हासिल की और पहली बार महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य बने। इसके बाद देवेंद्र फडणवीस सरकार में उन्हें शिक्षा विभाग के साथ उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, मराठी भाषा और सांस्कृतिक मामलों की जिम्मेदारी दी गई। संगठन और सरकार, दोनों स्तरों पर जिम्मेदारियां संभालने के साथ विनोद तावड़े का राजनीतिक कद लगातार बढ़ता गया।
डॉ. भारती प्रवीण पवार महाराष्ट्र के नासिक जिले के आदिवासी बहुल क्षेत्र से आने वाली भाजपा की प्रमुख महिला नेताओं में शामिल हैं। उनका जन्म 13 सितंबर 1978 को नासिक जिले के नरूल-कलवण क्षेत्र में हुआ। उन्होंने एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की और इसके बाद स्थानीय स्तर से राजनीति में कदम रखा। भारती पवार ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत जिला परिषद सदस्य के रूप में की। 2012 से 2019 तक वे नासिक जिला परिषद की सदस्य रहीं। इस दौरान उन्होंने अपने क्षेत्र में कुपोषण, पेयजल और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी समस्याओं से जुड़े मुद्दों पर काम किया।
राजनीति में आगे बढ़ते हुए उन्होंने 2014 का लोकसभा चुनाव राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार के रूप में लड़ा, लेकिन उन्हें जीत नहीं मिली। 2019 में उन्होंने भाजपा का दामन थामा और उसी साल डिंडोरी लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर पहली बार संसद पहुंचीं। इसके बाद उन्हें केंद्र सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री की जिम्मेदारी मिली। स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी उनकी पृष्ठभूमि का असर उनके संसदीय कामकाज में भी दिखाई दिया। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री के रूप में उन्होंने चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े कई मुद्दों पर काम किया।