16 अगस्त 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

13 दिन से भूख हड़ताल, हबीबा की हालत बिगड़ी, अस्पताल से हेमंत सोरेन और राहुल गांधी से लगाई गुहार

Umme Habiba Hunger Strike: रांची में जेपीएससी-जेएसएससी की कथित गड़बड़ियों के खिलाफ चल रहे आंदोलन के बीच 13 दिन से भूख हड़ताल पर बैठी उम्मे हबीबा की तबीयत बिगड़ गई है। सदर अस्पताल में भर्ती हबीबा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राहुल गांधी से छात्रों की मांगों पर ध्यान देने की अपील की है।
2 min read
Google source verification
Umme Habiba Hunger Strike

अस्पताल में भर्ती उम्मे हबीबा। फोटो- (X- @subhi_karma)

रांची। झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी की कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच 13 दिन से आमरण अनशन पर बैठी उम्मे हबीबा की तबीयत बिगड़ गई है। उन्हें रांची के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, लेकिन अस्पताल में भी उन्होंने खाना खाने से इनकार कर दिया है। हबीबा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी से आंदोलनकारी छात्रों की मांगों पर हस्तक्षेप करने की अपील की है। बोकारो जिले के कसमार की रहने वाली हबीबा ने बताया कि अनशन के दौरान उनका वजन करीब सात से आठ किलो कम हो गया है।

कमजोर हो रहा शरीर

उन्होंने कहा कि शरीर लगातार कमजोर हो रहा है और उन्हें नहीं पता कि वह कितने दिन तक यह लड़ाई जारी रख पाएंगी। हालांकि उन्होंने साफ किया कि शारीरिक कमजोरी के बावजूद उनका हौसला कम नहीं हुआ है। हबीबा ने कहा कि छात्रों की लड़ाई किसी सरकार या व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि भर्ती और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कहा कि 23 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों की बात सुनी जानी चाहिए और उनके अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से ठोस आश्वासन मिलने पर वह अनशन खत्म करने पर विचार कर सकती हैं।

अनशनकारियों से मिलने की अपील

उन्होंने राहुल गांधी से भी रांची आकर आंदोलनकारी छात्रों और अस्पताल में भर्ती अनशनकारियों से मिलने की अपील की। हबीबा ने कहा कि झारखंड में कांग्रेस गठबंधन सरकार का हिस्सा है, इसलिए पार्टी की भी छात्रों के प्रति जिम्मेदारी बनती है। सरकार के इस दावे पर कि आंदोलनकारियों की 98 प्रतिशत मांगें मान ली गई हैं, हबीबा ने असहमति जताई। उन्होंने कहा कि सरकार ने 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने की बात मानी है, लेकिन टीडीपीएल एजेंसी और भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों से जुड़े कई मुद्दे अभी बाकी हैं।

80 प्रतिशत मांगें मानी गई

उनके अनुसार करीब 80 प्रतिशत मांगें मानी गई हैं। हबीबा ने कथित भर्ती गड़बड़ियों की सीआईडी जांच के बजाय सीबीआई जांच की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि पूर्व की सीआईडी जांचों पर छात्रों को भरोसा नहीं हुआ। आंदोलन के 23वें दिन जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच ने भी आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। मंच ने मांगें पूरी नहीं होने पर मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की है।

बड़ी खबरें

View All

रांची

झारखंड

ट्रेंडिंग