मुंबई

Master List के वितरित कब्जे पत्र रद्द, Mhada रिपेयर बोर्ड सीओ की कार्रवाई ?

'मास्टर सूची' ( Master List ) के वितरित कब्जे पत्र ( Possession letter ) रद्द, ट्रांजिट कैम्पों ( Transit Camps ) के निवासियों को अभी और करना होगा इंतजार ( Waiting ), म्हाडा उपाध्यक्ष ( MHADA Vice President ) के आदेश पर हेरफेर का मामला, जल्द रिपोर्ट सौपेंगे रिपेयर बोर्ड ( Repair Board ) के सीओ लोखंडे

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Dec 13, 2019
Master List के वितरित कब्जे पत्र रद्द, Mhada रिपेयर बोर्ड सीओ की कार्रवाई ?

- पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मुंबई. म्हाडा उपाध्यक्ष के आदेशों में हेरफेर को लेकर सह मुख्य अधिकारियों के घोटाले के बाद इस संबंध में सभी वितरण पत्र म्हाडा के भवन मरम्मत और पुनर्गठन बोर्ड की ओर से रद्द कर दिए गए हैं। इसके अलावा इस अवधि के दौरान निवासियों को कब्जे पत्र देने के प्रयास के गंभीर मामले भी सामने आए हैं। मामले की जांच रिपेयर बोर्ड के सीओ सतीश लोखंडे की ओर से की जा रही है और जल्द ही इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट म्हाडा उपाध्यक्ष को सौंपी जाएगी। बोर्ड ने 'मास्टर सूची' को फिर से बनाने का फैसला किया गया, ताकि ट्रांजिट कैम्पों में वर्षों से पीड़ित निवासियों को उनके घर का अधिकार मिल सके।

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छुट्टी पर गए गोटे...
विदित हो कि केवल इन निवासियों से आवेदन करके सूची तैयार की गई थी। पहले चरण में 95 उपलब्ध घरों को वितरित करने का निर्णय लिया गया था। म्हाडा उपाध्यक्ष ने उन सभी पर पत्र जारी करने के निर्णय को भी मंजूरी दे दी। इसके बाद सह मुख्य अधिकारी अविनाश गोटे ने म्हाडा के उपाध्यक्ष के आदेश में अनौपचारिक रूप से पांच नामों को शामिल किया। यह जानकारी मिलते ही म्हाडा के उपाध्यक्ष मिलिंद म्हैसकर ने गोटे को छुट्टी पर भेज दिया और मुख्य अधिकारी सतीश लोखंडे को मामले की जांच करने का आदेश दिया।

लोखंडे ने अधिक जानकारी देने से किया मना...
उल्लेखनीय है कि गोटे ने सुझाव दिया है कि पांच नामों को अनधिकृत तरीके से शामिल नहीं किया गया था, यह गलत था, लेकिन प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह म्हाडा उपाध्यक्ष की मंजूरी के बाद हुआ था। इसके अलावा 95 निवासियों के आवास के लिए एक विज्ञापन 29 नवंबर को जारी किया गया था। वहीं पूछताछ में यह भी पता चला है कि इस मामले में हाल ही में नियुक्त मिलकत प्रबंधक के साथ भी एक संबंध था। इसकी पुष्टि मुख्य अधिकारी सतीश लोखंडे ने की, जबकि अधिक जानकारी देने से उन्होंने मना कर दिया।

सख्ती से होगी कार्रवाई...
म्हाडा की ओर से 95 लोगों को मकान देने का निर्णय लिया गया। जबकि 101 की सूची कैसे जारी की गई? पांच नामों को अनौपचारिक रूप से घोटाला किया गया था। इस घोटाले में शामिल सभी के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
- विनोद घोसालकर, अध्यक्ष, रिपेयर बोर्ड, म्हाडा

Published on:
13 Dec 2019 01:11 pm
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