मुंबई

वो 5 ‘सुराग’ जिसने पुलिस के दिमाग की जलाई ‘बत्ती; कैसे सिया की एक्सिडेंट थ्योरी बनी केतन मर्डर मिस्ट्री

Pune Ketan Siya Case: 33 डिग्री गर्मी में हुडी पहनकर पीछा करना, 2000 से ज्यादा कॉल्स और 10 घंटे फोन का इंटरनेट बंद रहना, केतन अग्रवाल केस में पुलिस को ऐसे मिले सुराग...
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Jun 24, 2026
Pune Ketan Siya Case
वो 5 ‘सुराग’ जिसने पुलिस के दिमाग की जलाई ‘बत्ती

Pune Ketan Siya Case: पुणे का केतन-सिया मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड की याद दिलाने वाले इस मामले में पुलिस ने कैसे सिया के झूठ को बेनकाब किया, यह जानना भी जरूरी है। पुलिस ने शुरुआत में इसे हादसा जरूर माना, लेकिन अंदर ही अंदर सच्चाई को कुरेदती रही। आइए जानने की कोशिश करते हैं कि पुलिस को कब और कैसे लगा कि केतन की मौत हादसा नहीं बल्कि हत्या है और इस हत्याकांड की मास्टरमाइंड कोई और नहीं केतन की मंगेतर सिया है। पुलिस ने जब अपनी जांच शुरू की तो कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिन पर उसका माथा ठनका। पुलिस को बताया गया कि केतन पहाड़ी से फिसलकर गिरा और उनकी मौत हो गई लेकिन जब पुलिस ने एक के बाद एक तथ्यों को जोड़कर तफ्तीश की तो कई परतें खुलती चली गईं और जो तस्वीर सामने आई उसने सभी को हिला दिया। वो पांच अहम सुराग, जिनसे पूरी कहानी पलट गई

पहला सुराग: 33 डिग्री गर्मी में हुडी पहने शख्स

लोहागढ़ किले के CCTV फुटेज खंगालते समय पुलिस को एक शख्स नजर आया, जो केतन और सिया के पीछे-पीछे चल रहा था। उसका नाम था चेतन चौधरी। और उसने पहना हुआ था हुडी, ऐसे मौसम में जब तापमान करीब 33 डिग्री के आसपास था। यही बात पुलिस को अजीब लगी। इतनी गर्मी में कोई हुडी क्यों पहनेगा? और क्यों लगातार उस जोड़े का पीछा करेगा? पढ़ें पूरी खबर- 33 डिग्री तापमान में हुडी पहनकर क्यों घूम रहा था चेतन? CCTV ने बढ़ाया पुलिस का शक

दूसरा सुराग: 10 घंटे तक गायब रहा फोन

जब पुलिस की जांच आगे बढ़ती गई तो पता चला कि जिस दिन केतन की मौत हुई उस दिन चेतन चौधरी का मोबाइल करीब 10 घंटे तक लगभग गायब रहा। कोई एक्टिविटी नहीं, कोई लोकेशन नहीं। इससे पुलिस को शक करने की एक और वजह मिल गई। पुलिस इस थ्योरी पर आगे बढ़ी कि उसने जानबूझकर अपना फोन पीछे छोड़ दिया, ताकि लोकेशन ट्रैक न हो सके। चेतन का उन दोनों का पीछा करना और फिर उसके मोबाइल का रेंज से बाहर रहना, इस कनेक्शन ने पुलिस को केस पर कुछ और सोचने के लिए मजबूर किया। पूरी खबर पढ़ें- केतन की मौत वाले दिन 'गायब' थी चेतन की लोकेशन, जांच में सामने आया बड़ा सुराग

तीसरा सुराग: सिया और चेतन के बीच 2000 से ज्यादा कॉल्स

जांच के दौरान पुलिस ने जब कॉल रिकॉर्ड खंगाले तो एक चौंकाने वाली बात सामने आई। सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच कई महीनों में 2000 से ज्यादा बार फोन पर बातचीत हुई थी। इतनी कॉल्स यह बताने के लिए काफी थीं कि दोनों के बीच महज एक जान-पहचान से कहीं ज्यादा गहरा रिश्ता है। और जब पुलिस ने एक-एक कड़ी जोड़ी तो इस मामले में नया एंगल नजर आया। इसके बाद पुलिस ने पूरी कहानी को एक नए नजरिए से देखना शुरू किया । पूरी खबर- 2000 कॉल, कैफे मीटिंग और लोहगढ़ किले की ट्रेक, पुलिस ने खोला केतन अग्रवाल मर्डर केस का राज

चौथा सुराग: सिया की कहानी में दिख कई लोचे

पुलिस को बताया गया कि केतन किले से फिसलकर गिर गया। लेकिन जब सिया का बयान बारीकी से परखा गया तो उसमें कई जगह कहानी एक-दूसरे से मेल नहीं खाती थी। कब क्या हुआ, कौन कहां था, घटना कैसे घटी, इन सवालों के जवाब हर बार थोड़े अलग निकलते रहे। इससे पुलिस को समझ आ गया कि सिया सच्चाई छिपा रही है और जांच उस दिशा में चल पड़ी, जहां उसे होना चाहिए था। पढ़ें पूरी खबर- केतन अग्रवाल मर्डर केस में खुलासा: सिया और चेतन के बीच 1 साल से था अफेयर, पहले भी की थी मारने की कोशिश

पांचवां सुराग: पहले भी हो चुकी थीं केतन को मारने की कोशिशें

शायद ये सबसे बड़ा सुराग था कि जांचकर्ताओं को कथित तौर पर ऐसे सबूत मिले जो यह बताते थे कि इस घटना से पहले भी केतन को जान से मारने की कोशिश की जा चुकी थी, एक बार नहीं, बल्कि कई बार। यह जानकारी सामने आते ही "हादसा" वाली थ्योरी लगभग खारिज हो गई। जब किसी को बार-बार निशाना बनाया जा रहा हो और फिर वो मर जाए, तो यह महज दुर्घटना नहीं रह जाती। इस तरह पुलिस केतन की मौत से सिया के झूठ की चादर उठाने में कोशिश की है। पूरी खबर पढ़ें- एक नहीं तीन बार केतन को मारने का सिया का प्लान हो गया था फेल, फिर चेतन के साथ मिलकर रची साजिश

Updated on:
24 Jun 2026 07:13 pm
Published on:
24 Jun 2026 06:53 pm